📷 चित्र स्रोत: TOI City (via NewsData)
राजनीति
अमित शाह ने ब्रह्मपुत्र-कावेरी नदी जोड़ का पक्ष लिया; विशेषज्ञों ने उठाए सवाल
✍️ TOI City
🗓 29 अक्टू. 2026, 03:45 PM
👁 3
संयुक्त मंत्री अमित शाह ने दक्षिण भारत में जल संकट को दूर करने के लिए ब्रह्मपुत्र और कावेरी नदियों को जोड़ने का प्रस्ताव दोहराया है, हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि राज्यों के बीच विवाद और तकनीकी चुनौतियों के कारण यह योजना अभी दूर की बात है।
संयुक्त मंत्री अमित शाह ने भारत की प्रमुख नदियों को आपस में जोड़ने के अपने आशावादी प्रस्ताव को दोहराया है, जिसमें विशेष रूप से ब्रह्मपुत्र और कावेरी नदियों के बीच कनेक्शन पर जोर दिया गया है। इस प्रस्ताव का उद्देश्य दक्षिणी राज्यों में जल संकट को कम करना है, जहाँ अक्सर अनियमित वर्षा और सूखे के मौसम में पानी की कमी महसूस की जाती है।
इस प्रस्ताव का मुख्य आधार गोदावरी-कावेरी लिंक है, जो समग्र परियोजना की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि राज्यों के बीच जटिल विवादों और तकनीकी व्यवहार्यता की आवश्यकताओं के कारण यह योजना अभी भी दूर है।
पर्यावरणीय चिंताएं भी इस प्रोजेक्ट पर हावी हैं, क्योंकि इस तरह के बड़े पैमाने पर पानी के विभाजन से पारिस्थितिक प्रभाव हो सकते हैं। हालांकि सरकार का लक्ष्य पानी के समान वितरण को सुनिश्चित करना है, लेकिन संबंधित राज्यों से सहमति प्राप्त करना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है, जिससे परियोजना अगले कुछ समय तक योजनाबद्ध चरण में ही रहेगी।
इस प्रस्ताव का मुख्य आधार गोदावरी-कावेरी लिंक है, जो समग्र परियोजना की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि राज्यों के बीच जटिल विवादों और तकनीकी व्यवहार्यता की आवश्यकताओं के कारण यह योजना अभी भी दूर है।
पर्यावरणीय चिंताएं भी इस प्रोजेक्ट पर हावी हैं, क्योंकि इस तरह के बड़े पैमाने पर पानी के विभाजन से पारिस्थितिक प्रभाव हो सकते हैं। हालांकि सरकार का लक्ष्य पानी के समान वितरण को सुनिश्चित करना है, लेकिन संबंधित राज्यों से सहमति प्राप्त करना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है, जिससे परियोजना अगले कुछ समय तक योजनाबद्ध चरण में ही रहेगी।