📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Balisuraj
अपराध
राजस्थान के आईपीएस अधिकारी पर विला खरीद जांच में एपीओ
✍️ Hindustan Times
🗓 01 नव. 2026, 05:39 PM
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राजस्थान के एक आईपीएस अधिकारी को विला खरीद के संदिग्ध मामले की जांच के चलते एपीओ पर रखा गया है।
राजस्थान पुलिस विभाग ने एक आईपीएस अधिकारी को उनके हालिया विला खरीद के संबंध में चल रहे जांच के दौरान एपीओ (प्रशासनिक निलंबन आदेश) पर रख दिया है। राज्य के भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो ने इस लेन‑देन में संभावित प्रक्रिया उल्लंघन और हितों के टकराव की सूचना दी है। अधिकारी का नाम नहीं बताया गया, लेकिन बताया गया कि जांच के परिणाम तक एपीओ लागू रहेगा। विभाग ने कहा कि यह कदम वरिष्ठ अधिकारी के जांच के दौरान सामान्य प्रक्रिया है और इसका अर्थ दोष नहीं है। विला के स्थान या कीमत के बारे में अभी कोई जानकारी जारी नहीं की गई है।
भ्रष्टाचार विरोधी इकाई ने भूमि अभिलेख, भुगतान दस्तावेज़ और अधिकारी के खुलासों की जांच की है ताकि यह तय किया जा सके कि कोई नियम उल्लंघन हुआ है या नहीं। यदि अनियमितता सिद्ध होती है, तो अधिकारी को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत अनुशासनात्मक या कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
यह कदम राजस्थान में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के आचरण पर बढ़ती सार्वजनिक निगरानी के बीच आया है, जहाँ नागरिक समूह सार्वजनिक सेवकों की संपत्ति लेन‑देन में पारदर्शिता की माँग कर रहे हैं।
भ्रष्टाचार विरोधी इकाई ने भूमि अभिलेख, भुगतान दस्तावेज़ और अधिकारी के खुलासों की जांच की है ताकि यह तय किया जा सके कि कोई नियम उल्लंघन हुआ है या नहीं। यदि अनियमितता सिद्ध होती है, तो अधिकारी को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत अनुशासनात्मक या कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
यह कदम राजस्थान में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के आचरण पर बढ़ती सार्वजनिक निगरानी के बीच आया है, जहाँ नागरिक समूह सार्वजनिक सेवकों की संपत्ति लेन‑देन में पारदर्शिता की माँग कर रहे हैं।