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03 नव. 2026•
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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने यूट्यूबर के खिलाफ केस रद्द किया, तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पर बड़ा फैसला
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yann Forget
देश

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने यूट्यूबर के खिलाफ केस रद्द किया, तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पर बड़ा फैसला

✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh 🗓 03 नव. 2026, 06:37 PM 👁 3
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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने रायसेन के यूट्यूबर उवेश खान के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द कर दिया है। अदालत ने कहा कि वास्तविक घटनाओं की निष्पक्ष रिपोर्टिंग अपराध नहीं है।

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पत्रकारिता की स्वतंत्रता के पक्ष में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने रायसेन के यूट्यूबर उवेश खान के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द कर दिया है। यह कानूनी चुनौती उनके ऑनलाइन रिपोर्टिंग को लेकर दर्ज किए गए आपराधिक केस के विरुद्ध लड़ी गई थी।

अपने आदेश में हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि वास्तविक घटनाओं की निष्पक्ष और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग किसी भी तरह से अपराध नहीं है। बेंच ने जोर दिया कि पत्रकारिता और कंटेंट क्रिएशन, जब वे सत्य और निष्पक्षता पर आधारित हों, तो नागरिकों के मौलिक अधिकारों के तहत संरक्षित हैं।

यह फैसला राज्य में स्वतंत्र मीडिया और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स के लिए एक सुरक्षा कवच के रूप में देखा जा रहा है। केस को रद्द करके अदालत ने यह मजबूत किया है कि वास्तविक घटनाओं की सच्ची रिपोर्टिंग को आपराधिक मुकदमे के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।

यह निर्णय दुर्भावनापूर्ण मानहानि या झूठी जानकारी फैलाने और वैध समाचार रिपोर्टिंग के बीच के कानूनी अंतर को रेखांकित करता है। यह भारत में ऐसे कानूनी कार्रवाई के विरुद्ध तथ्यात्मक सटीकता और निष्पक्षता की एक स्पष्ट रक्षा की नींव रखता है।
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