📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yann Forget
नौकरी
मप्र हाईकोर्ट ने प्रियंका चौहान के नियमितीकरण के दावे को खारिज करने का आदेश रद्द किया
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 01 नव. 2026, 11:36 AM
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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंध संस्थान की कर्मचारी प्रियंका चौहान के नियमितीकरण के दावे को खारिज करने वाले आदेश को रद्द कर दिया है। न्यायालय ने उनके प्रदर्शन मूल्यांकन और संबंधित नोटशीट की प्रामाणिकता जांचने का निर्देश दिया है।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंध संस्थान (IITTM) की कर्मचारी प्रियंका चौहान के सेवा संबंधी मामले में हस्तक्षेप किया है। न्यायालय ने उनके नियमितीकरण के दावे को खारिज करने वाले पिछले आदेश को रद्द कर दिया है।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि संविदा कर्मियों के नियमितीकरण से जुड़े दावों को मनमाने ढंग से खारिज नहीं किया जाना चाहिए। न्यायालय ने ऐसे प्रशासनिक निर्णयों में उचित प्रक्रिया का पालन करने पर जोर दिया।
अपने निर्देश में, हाईकोर्ट ने प्रशासन से प्रियंका चौहान के प्रदर्शन मूल्यांकन रिकॉर्ड्स और संबंधित नोटशीट की प्रामाणिकता की जांच करने को कहा। कोर्ट ने यह सुनिश्चित करना चाहा कि प्रशासनिक कार्रवाई वैध और सत्यापित आधारों पर हो।
यह फैसला सरकारी संस्थानों में संविदा कर्मियों के अधिकारों की रक्षा और मनमाने प्रशासनिक कार्रवाइयों के खिलाफ न्यायिक रुख को दर्शाता है।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि संविदा कर्मियों के नियमितीकरण से जुड़े दावों को मनमाने ढंग से खारिज नहीं किया जाना चाहिए। न्यायालय ने ऐसे प्रशासनिक निर्णयों में उचित प्रक्रिया का पालन करने पर जोर दिया।
अपने निर्देश में, हाईकोर्ट ने प्रशासन से प्रियंका चौहान के प्रदर्शन मूल्यांकन रिकॉर्ड्स और संबंधित नोटशीट की प्रामाणिकता की जांच करने को कहा। कोर्ट ने यह सुनिश्चित करना चाहा कि प्रशासनिक कार्रवाई वैध और सत्यापित आधारों पर हो।
यह फैसला सरकारी संस्थानों में संविदा कर्मियों के अधिकारों की रक्षा और मनमाने प्रशासनिक कार्रवाइयों के खिलाफ न्यायिक रुख को दर्शाता है।