📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Radomianin
स्वास्थ्य
जालंधर के नेत्र चिकित्सकों ने शहर को हरा-भरा बनाने की पहल शुरू
✍️ Amar Ujala · Jalandhar
🗓 30 अक्टू. 2026, 12:07 PM
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अकाल आई हॉस्पिटल और लेसिक लेजर सेंटर ने नेत्र चिकित्सकों के सहयोग से जालंधर को हरा-भरा बनाने के लिए नई पर्यावरणीय मुहिम शुरू की।
जालंधर – अकाल आई हॉस्पिटल और लेसिक लेजर सेंटर के नेत्र चिकित्सकों ने शहर को हरा-भरा बनाने के उद्देश्य से एक विशेष पर्यावरणीय मुहिम की घोषणा की है। यह पहल अस्पताल के परिसर में घोषित की गई, जिसमें आँखों की देखभाल के साथ‑साथ पर्यावरण की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी गई है।
इस अभियान के तहत पेड़ लगाना, मोहल्लों की सफ़ाई और वायु गुणवत्ता व नेत्र स्वास्थ्य के बीच संबंध पर जागरूकता कार्यशालाएँ आयोजित की जाएँगी। अस्पताल के स्टाफ, रोगी और स्थानीय स्वयंसेवकों को आने वाले महीनों में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है।
अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि यह प्रयास सामुदायिक कल्याण के व्यापक लक्ष्य को दर्शाता है, क्योंकि स्वच्छ व हरा‑भरा माहौल प्रदूषण से उत्पन्न नेत्र रोगों को कम कर सकता है। इस मुहिम को नगर निगम के साथ मिलकर जालंधर के विभिन्न क्षेत्रों में पेड़ लगाने के लिए समन्वित किया जाएगा।
निवासियों को अगले हफ्ते से शुरू होने वाली इन गतिविधियों में शामिल होने का आह्वान किया गया है, और अस्पताल के सोशल मीडिया चैनलों के माध्यम से नियमित अपडेट प्रदान किए जाएंगे।
पंजाब में एक चिकित्सा संस्थान द्वारा इस प्रकार की पर्यावरणीय पहल एक नया कदम है, जो स्वास्थ्य सेवाओं को पर्यावरणीय संरक्षण के साथ जोड़ती है।
इस अभियान के तहत पेड़ लगाना, मोहल्लों की सफ़ाई और वायु गुणवत्ता व नेत्र स्वास्थ्य के बीच संबंध पर जागरूकता कार्यशालाएँ आयोजित की जाएँगी। अस्पताल के स्टाफ, रोगी और स्थानीय स्वयंसेवकों को आने वाले महीनों में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है।
अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि यह प्रयास सामुदायिक कल्याण के व्यापक लक्ष्य को दर्शाता है, क्योंकि स्वच्छ व हरा‑भरा माहौल प्रदूषण से उत्पन्न नेत्र रोगों को कम कर सकता है। इस मुहिम को नगर निगम के साथ मिलकर जालंधर के विभिन्न क्षेत्रों में पेड़ लगाने के लिए समन्वित किया जाएगा।
निवासियों को अगले हफ्ते से शुरू होने वाली इन गतिविधियों में शामिल होने का आह्वान किया गया है, और अस्पताल के सोशल मीडिया चैनलों के माध्यम से नियमित अपडेट प्रदान किए जाएंगे।
पंजाब में एक चिकित्सा संस्थान द्वारा इस प्रकार की पर्यावरणीय पहल एक नया कदम है, जो स्वास्थ्य सेवाओं को पर्यावरणीय संरक्षण के साथ जोड़ती है।