📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Martin Hricko
स्वास्थ्य
मध्यप्रदेश में बुजुर्ग ने खांसी की दवा समझकर जहरीला रसायन पी, रीवा अस्पताल में भर्ती
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 29 अक्टू. 2026, 02:36 PM
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लकोडा के एक बुजुर्ग ने खांसी की दवा समझकर जहरीला रसायन पी लिया। गंभीर लक्षणों के बाद उन्हें रीवा अस्पताल में भर्ती कराया गया।
लकोडा के 68‑वर्षीय बुजुर्ग ने गलती से एक कीटनाशक पी लिया, जिसे वह खांसी की दवा समझते थे। यह घटना सोमवार की सुबह हुई जब बुजुर्ग ने एक कृषि उपयोग के लिए रखी बोतल खोली और उसके अंदर का द्रव्य पी लिया। एक घंटे के भीतर ही उन्हें चक्कर आने और मुँह से झाग निकलने के लक्षण दिखे, जिसके बाद उनके परिवार ने आपातकालीन सेवाओं को बुलाया।
पैरामेडिक टीम मौके पर पहुँची और पाया कि रोगी गंभीर स्थिति में है। उन्हें तुरंत रीवा जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने एंटीडोट और सहायक उपचार शुरू किया। स्थिति स्थिर न होने के कारण उन्हें आगे की देखभाल के लिए एक उच्च स्तर के अस्पताल में भेजा गया।
रीवा अस्पताल ने पुष्टि की कि रोगी को विष विज्ञान इकाई के तहत भर्ती कराया गया है। यद्यपि कीटनाशक का सटीक प्रकार सार्वजनिक नहीं किया गया, अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है कि यह दुर्घटना किस प्रकार के भंडारण और सुरक्षा प्रबंधन के कारण हुई। यह घटना ग्रामीण इलाकों में घरेलू स्तर पर खतरनाक रसायनों के सुरक्षित भंडारण की आवश्यकता पर प्रकाश डालती है।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने सभी निवासियों को सलाह दी है कि वे सभी कीटनाशक और रासायनिक पदार्थों को बंद कंटेनरों में रखें और स्पष्ट रूप से लेबल लगाएँ। उन्होंने यह भी कहा कि बुजुर्गों को दवाइयों और कृषि उत्पादों के बीच अंतर बताना और उन्हें सुरक्षित रखने के लिए परिवार के सदस्यों को शिक्षित करना आवश्यक है।
पैरामेडिक टीम मौके पर पहुँची और पाया कि रोगी गंभीर स्थिति में है। उन्हें तुरंत रीवा जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने एंटीडोट और सहायक उपचार शुरू किया। स्थिति स्थिर न होने के कारण उन्हें आगे की देखभाल के लिए एक उच्च स्तर के अस्पताल में भेजा गया।
रीवा अस्पताल ने पुष्टि की कि रोगी को विष विज्ञान इकाई के तहत भर्ती कराया गया है। यद्यपि कीटनाशक का सटीक प्रकार सार्वजनिक नहीं किया गया, अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है कि यह दुर्घटना किस प्रकार के भंडारण और सुरक्षा प्रबंधन के कारण हुई। यह घटना ग्रामीण इलाकों में घरेलू स्तर पर खतरनाक रसायनों के सुरक्षित भंडारण की आवश्यकता पर प्रकाश डालती है।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने सभी निवासियों को सलाह दी है कि वे सभी कीटनाशक और रासायनिक पदार्थों को बंद कंटेनरों में रखें और स्पष्ट रूप से लेबल लगाएँ। उन्होंने यह भी कहा कि बुजुर्गों को दवाइयों और कृषि उत्पादों के बीच अंतर बताना और उन्हें सुरक्षित रखने के लिए परिवार के सदस्यों को शिक्षित करना आवश्यक है।