📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Science and Technology
देश
दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए 5 नए नियम लागू: वाहन बैन, 50% WFH और बिना PUC ईंधन नहीं
✍️ News18
🗓 01 नव. 2026, 11:38 AM
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आज से दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए पाँच नए नियम लागू हो गए हैं, जिनमें वाहन बैन, कार्यालयों के लिए 50% वर्क-फ्रॉम-होम और बिना वैध PUC प्रमाणपत्र के ईंधन न मिलने का प्रावधान शामिल है।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में बिगड़ती हवा की गुणवत्ता को नियंत्रित करने के लिए आज से पाँच कठोर उपायों को प्रभावी किया गया है। ये नियम राजधानी क्षेत्र में वाहनों से होने वाले प्रदूषण और औद्योगिक गतिविधियों को कम करने के लक्ष्य से लागू किए गए हैं।
मुख्य प्रावधानों में वाहनों की गतिशीलता पर प्रतिबंध शामिल है, जिसका उद्देश्य सड़कों पर प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की संख्या को कम करना है। इसके अलावा, सरकारी कार्यालयों और निजी संस्थाओं को दैनिक यातायात को कम करने के लिए 50 प्रतिशत वर्क-फ्रॉम-होम (WFH) नीति लागू करने का निर्देश दिया गया है।
ईंधन आपूर्ति श्रृंखला के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। पेट्रोल और डीजल पंपों को निर्देश दिया गया है कि वे उन वाहनों को ईंधन न दें जिनके पास वैध प्रदूषण नियंत्रण (PUC) प्रमाणपत्र नहीं है। इस उपाय से दिल्ली की सड़कों पर केवल मानक पूरा करने वाले वाहन ही चल सकेंगे।
ये नियम उच्च प्रदूषण स्तरों के कारण सक्रिय किए गए क्रमिक प्रतिक्रिया कार्रवाई योजना (GRAP) का हिस्सा हैं। अधिकारियों ने इन नए निर्देशों के अनुपालन की सुनिश्चितता के लिए सख्त निगरानी की जांच का आश्वासन दिया है।
मुख्य प्रावधानों में वाहनों की गतिशीलता पर प्रतिबंध शामिल है, जिसका उद्देश्य सड़कों पर प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की संख्या को कम करना है। इसके अलावा, सरकारी कार्यालयों और निजी संस्थाओं को दैनिक यातायात को कम करने के लिए 50 प्रतिशत वर्क-फ्रॉम-होम (WFH) नीति लागू करने का निर्देश दिया गया है।
ईंधन आपूर्ति श्रृंखला के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। पेट्रोल और डीजल पंपों को निर्देश दिया गया है कि वे उन वाहनों को ईंधन न दें जिनके पास वैध प्रदूषण नियंत्रण (PUC) प्रमाणपत्र नहीं है। इस उपाय से दिल्ली की सड़कों पर केवल मानक पूरा करने वाले वाहन ही चल सकेंगे।
ये नियम उच्च प्रदूषण स्तरों के कारण सक्रिय किए गए क्रमिक प्रतिक्रिया कार्रवाई योजना (GRAP) का हिस्सा हैं। अधिकारियों ने इन नए निर्देशों के अनुपालन की सुनिश्चितता के लिए सख्त निगरानी की जांच का आश्वासन दिया है।