📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Vroomtrapit at English Wikipedia
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अल्लाहाबाद हाई कोर्ट ने यूपी सरकार को ई‑रिक्शा पंजीकरण प्रतिबंधों पर निर्णय देने को कहा
✍️ India Today
🗓 02 नव. 2026, 11:38 PM
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अल्लाहाबाद हाई कोर्ट ने यूपी सरकार से इलेक्ट्रिक रिक्शा पंजीकरण पर प्रस्तावित प्रतिबंधों को लेकर स्पष्ट निर्णय देने को कहा है।
अल्लाहाबाद हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से इलेक्ट्रिक रिक्शा पंजीकरण पर प्रस्तावित प्रतिबंधों को लेकर स्पष्ट निर्णय देने का आदेश दिया है। यह कदम ई‑रिक्शा चालकों के बीच इन प्रतिबंधों के उनके आजीविका पर संभावित प्रभाव को लेकर उठे चिंताओं के बीच आया है।
ई‑रिक्शा उद्योग के कानूनी प्रतिनिधियों ने कोर्ट में तर्क दिया कि ऐसे प्रतिबंध राज्य में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के तेज़ी से अपनाने में बाधा बन सकते हैं। सुरक्षा और नियामक मुद्दों को सुलझाने के लिए सरकार द्वारा पंजीकरण मानदंड कड़े करने की योजना पर चर्चा चल रही है, और कोर्ट ने सरकार से विस्तृत रुख प्रस्तुत करने को कहा।
हाई कोर्ट ने सरकार को जवाब देने की समय सीमा निर्धारित की है और उसके उत्तर के आधार पर आगे की कार्यवाही करेगा। इस निर्णय का इंतजार सभी हितधारियों को है, क्योंकि यह उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रिक तीन‑पहिया वाहनों के भविष्य को निर्धारित कर सकता है।
यह सुनवाई नियामक उद्देश्यों और उभरते हुए हरित परिवहन क्षेत्रों के हितों के बीच संतुलन स्थापित करने में न्यायपालिका की भूमिका को उजागर करती है। सरकार की स्थिति दर्ज होते ही अंतिम आदेश जारी किया जाएगा।
ई‑रिक्शा उद्योग के कानूनी प्रतिनिधियों ने कोर्ट में तर्क दिया कि ऐसे प्रतिबंध राज्य में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के तेज़ी से अपनाने में बाधा बन सकते हैं। सुरक्षा और नियामक मुद्दों को सुलझाने के लिए सरकार द्वारा पंजीकरण मानदंड कड़े करने की योजना पर चर्चा चल रही है, और कोर्ट ने सरकार से विस्तृत रुख प्रस्तुत करने को कहा।
हाई कोर्ट ने सरकार को जवाब देने की समय सीमा निर्धारित की है और उसके उत्तर के आधार पर आगे की कार्यवाही करेगा। इस निर्णय का इंतजार सभी हितधारियों को है, क्योंकि यह उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रिक तीन‑पहिया वाहनों के भविष्य को निर्धारित कर सकता है।
यह सुनवाई नियामक उद्देश्यों और उभरते हुए हरित परिवहन क्षेत्रों के हितों के बीच संतुलन स्थापित करने में न्यायपालिका की भूमिका को उजागर करती है। सरकार की स्थिति दर्ज होते ही अंतिम आदेश जारी किया जाएगा।