📷 चित्र स्रोत: The Hindu (via NewsData)
कृषि
अग्रोमौसम विज्ञान वैज्ञानिक ने पश्चिमी घाट में सूक्ष्म विकास परियोजनाओं को जारी रखने का आग्रह किया
✍️ The Hindu
🗓 04 नव. 2026, 07:57 PM
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अग्रोमौसम विज्ञान वैज्ञानिक ने पश्चिमी घाट में सूक्ष्म और छोटे विकास परियोजनाओं को जारी रखने का आह्वान किया, स्थानीय कृषि और पारिस्थितिकी तंत्र की लचीलापन के लिए उनके महत्व पर बल दिया।
एक अग्रोमौसम विज्ञान वैज्ञानिक ने हाल ही में पश्चिमी घाट क्षेत्र में सूक्ष्म और छोटे विकास परियोजनाओं को जारी रखने का आग्रह किया, यह बताते हुए कि ये परियोजनाएँ स्थानीय कृषि प्रथाओं का समर्थन करती हैं और जलवायु लचीलापन को बढ़ाती हैं।
पश्चिमी घाट, एक यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, विश्व के सबसे समृद्ध जैव विविधता वाले क्षेत्रों में से एक है। इसके विविध पारिस्थितिक तंत्र आसपास की समुदायों के लिए महत्वपूर्ण जल संसाधन और उर्वर मिट्टी प्रदान करते हैं।
छोटे पैमाने की परियोजनाएँ—जैसे वर्षा जल संचयन, सामुदायिक नर्सरी, और सतत सिंचाई योजनाएँ—मिट्टी के स्वास्थ्य को बनाए रखने और फसल उत्पादन बढ़ाने में प्रभावी साबित हुई हैं, साथ ही पर्यावरण पर न्यूनतम प्रभाव डालती हैं।
वैज्ञानिक का बयान इस बात पर जोर देता है कि विकास को संतुलित तरीके से आगे बढ़ाया जाए, जिससे क्षेत्र की पारिस्थितिक अखंडता सुरक्षित रहे और किसानों व ग्रामीण परिवारों को ठोस लाभ मिले।
पश्चिमी घाट, एक यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, विश्व के सबसे समृद्ध जैव विविधता वाले क्षेत्रों में से एक है। इसके विविध पारिस्थितिक तंत्र आसपास की समुदायों के लिए महत्वपूर्ण जल संसाधन और उर्वर मिट्टी प्रदान करते हैं।
छोटे पैमाने की परियोजनाएँ—जैसे वर्षा जल संचयन, सामुदायिक नर्सरी, और सतत सिंचाई योजनाएँ—मिट्टी के स्वास्थ्य को बनाए रखने और फसल उत्पादन बढ़ाने में प्रभावी साबित हुई हैं, साथ ही पर्यावरण पर न्यूनतम प्रभाव डालती हैं।
वैज्ञानिक का बयान इस बात पर जोर देता है कि विकास को संतुलित तरीके से आगे बढ़ाया जाए, जिससे क्षेत्र की पारिस्थितिक अखंडता सुरक्षित रहे और किसानों व ग्रामीण परिवारों को ठोस लाभ मिले।