📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Rohit Sharma
वायरल
वीडियो को अरुणाचल निवासी चीनी सैनिकों को भगाते दिखाने का झूठा दावा
✍️ Newschecker
🗓 29 अक्टू. 2026, 05:50 PM
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एक वीडियो को अरुणाचल प्रदेश के निवासियों द्वारा चीनी सैनिकों को भगाते दिखाने का झूठा दावा किया गया, पर जांच में पता चला कि वह असंबंधित है।
एक वीडियो को सोशल मीडिया पर यह दिखाने के लिए साझा किया गया कि अरुणाचल प्रदेश के नागरिकों ने चीन के सैनिकों को सीमा से पीछे हटाया। यह पोस्ट जल्दी ही वायरल हुई और इसे स्थानीय प्रतिक्रिया के रूप में प्रस्तुत किया गया।
समाचार जाँच संस्थान, जिसमें Newschecker भी शामिल है, ने वीडियो की जाँच की और पाया कि यह फुटेज सीमा क्षेत्र से नहीं, बल्कि किसी अन्य स्थान और समय से लिया गया है। फ्रेम विश्लेषण और मेटा‑डेटा से स्पष्ट है कि इसमें कोई सैन्य कार्रवाई नहीं दिखायी गई है।
यह गलत प्रस्तुति भारत‑चीन सीमा पर बढ़ती संवेदनशीलता के बीच आई है, जहाँ दोनों पक्ष नियमित रूप से सैनिकों की गतिविधियों पर नज़र रखते हैं। अरुणाचल प्रदेश में हाल ही में नागरिकों द्वारा चीनी सैनिकों को भगाने की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है।
विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि ऐसी भ्रामक सामग्री सार्वजनिक भावना को उकसा सकती है और कूटनीतिक प्रयासों में बाधा डाल सकती है। वे उपयोगकर्ताओं से आग्रह करते हैं कि सुरक्षा संबंधी घटनाओं को दर्शाने वाले किसी भी सामग्री को साझा करने से पहले स्रोत की पुष्टि करें।
समाचार जाँच संस्थान, जिसमें Newschecker भी शामिल है, ने वीडियो की जाँच की और पाया कि यह फुटेज सीमा क्षेत्र से नहीं, बल्कि किसी अन्य स्थान और समय से लिया गया है। फ्रेम विश्लेषण और मेटा‑डेटा से स्पष्ट है कि इसमें कोई सैन्य कार्रवाई नहीं दिखायी गई है।
यह गलत प्रस्तुति भारत‑चीन सीमा पर बढ़ती संवेदनशीलता के बीच आई है, जहाँ दोनों पक्ष नियमित रूप से सैनिकों की गतिविधियों पर नज़र रखते हैं। अरुणाचल प्रदेश में हाल ही में नागरिकों द्वारा चीनी सैनिकों को भगाने की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है।
विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि ऐसी भ्रामक सामग्री सार्वजनिक भावना को उकसा सकती है और कूटनीतिक प्रयासों में बाधा डाल सकती है। वे उपयोगकर्ताओं से आग्रह करते हैं कि सुरक्षा संबंधी घटनाओं को दर्शाने वाले किसी भी सामग्री को साझा करने से पहले स्रोत की पुष्टि करें।