📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Slyronit
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राजस्थान में दिवाली पर पटाखों के नियम सख्त, NCR जिलों में सिर्फ 3 घंटे की छूट
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 04 नव. 2026, 09:36 PM
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प्रदूषण नियंत्रण के लिए राजस्थान सरकार ने नई गाइडलाइन जारी की है। NCR के पांच जिलों में रोजाना तीन घंटे के लिए ही ग्रीन पटाखे चलाने की अनुमति होगी, जबकि बिना QR कोड वाले पटाखों की बिक्री पर रोक रहेगी।
राजस्थान सरकार ने दिवाली के दौरान वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सख्त नई गाइडलाइन जारी की है। इस आदेश का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के अंतर्गत आने वाले इलाकों में पटाखों के उपयोग की अवधि को सीमित करना है।
नए नियमों के तहत, राजस्थान के उन पांच जिलों में जहाँ NCR का प्रभाव है, निवासियों को रोजाना केवल तीन घंटे के लिए ही ग्रीन पटाखे चलाने की अनुमति होगी। यह छूट त्योहार के दौरान दो दिनों के लिए लागू रहेगी, जिससे क्षेत्र में धुएं और कणों के प्रभाव को कम करने की उम्मीद है।
इसके अलावा, प्रशासन ने पटाखों की बिक्री पर भी कड़े नियम लागू किए हैं। बिना वैध QR कोड वाले किसी भी फायरवर्क्स की बिक्री पर पूर्ण रोक लगाई गई है। साथ ही, वितरण और गुणवत्ता पर बेहतर नियंत्रण के लिए इन उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री भी प्रतिबंधित कर दी गई है।
ये उपाय राज्य द्वारा त्योहारों के दौरान पर्यावरणीय स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए किए गए व्यापक प्रयासों का हिस्सा हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि समय सीमा और उत्पाद मानकों का पालन करना अनिवार्य है ताकि त्योहार के मौसम में वायु गुणवत्ता बनाए रखी जा सके।
नए नियमों के तहत, राजस्थान के उन पांच जिलों में जहाँ NCR का प्रभाव है, निवासियों को रोजाना केवल तीन घंटे के लिए ही ग्रीन पटाखे चलाने की अनुमति होगी। यह छूट त्योहार के दौरान दो दिनों के लिए लागू रहेगी, जिससे क्षेत्र में धुएं और कणों के प्रभाव को कम करने की उम्मीद है।
इसके अलावा, प्रशासन ने पटाखों की बिक्री पर भी कड़े नियम लागू किए हैं। बिना वैध QR कोड वाले किसी भी फायरवर्क्स की बिक्री पर पूर्ण रोक लगाई गई है। साथ ही, वितरण और गुणवत्ता पर बेहतर नियंत्रण के लिए इन उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री भी प्रतिबंधित कर दी गई है।
ये उपाय राज्य द्वारा त्योहारों के दौरान पर्यावरणीय स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए किए गए व्यापक प्रयासों का हिस्सा हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि समय सीमा और उत्पाद मानकों का पालन करना अनिवार्य है ताकि त्योहार के मौसम में वायु गुणवत्ता बनाए रखी जा सके।