📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / CIAT
स्वास्थ्य
पंजाब में बिगड़ रही हवा की गुणवत्ता, ग्रामीण इलाकों में भी प्रदूषण का कहर
✍️ Amar Ujala · Patiala
🗓 30 अक्टू. 2026, 12:47 PM
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पराली जलाने और वाहनों के धुएं के कारण पंजाब के गांवों की हवा भी शहरों से ज्यादा साफ नहीं रही, जिससे प्रदूषण की स्थिति बिगड़ रही है।
पंजाब के ग्रामीण इलाकों में हवा की गुणवत्ता में चिंताजनक गिरावट आई है, जो अब शहरों की हवा से भी बदतर हो गई है। यह स्थिति राज्य के निवासियों के स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन गई है।
प्रदूषण के बढ़ते स्तर के पीछे दो प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं। कृषि क्षेत्रों में पराली जलाने की प्रथा वायुमंडल में भारी मात्रा में कणों को छोड़ती है। इसके साथ ही, वाहनों से निकलने वाला धुआं भी हवा की गुणवत्ता को खराब करने में एक बड़ा योगदानकर्ता साबित हो रहा है।
इस व्यापक प्रदूषण का सार्वजनिक स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है, खासकर उन इलाकों में जिन्हें पहले अपेक्षाकृत स्वच्छ हवा वाला माना जाता था। यह स्थिति पंजाब की आबादी के श्वसन स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए पराली जलाने और वाहनों के उत्सर्जन दोनों को नियंत्रित करने के प्रभावी उपायों की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित करती है।
प्रदूषण के बढ़ते स्तर के पीछे दो प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं। कृषि क्षेत्रों में पराली जलाने की प्रथा वायुमंडल में भारी मात्रा में कणों को छोड़ती है। इसके साथ ही, वाहनों से निकलने वाला धुआं भी हवा की गुणवत्ता को खराब करने में एक बड़ा योगदानकर्ता साबित हो रहा है।
इस व्यापक प्रदूषण का सार्वजनिक स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है, खासकर उन इलाकों में जिन्हें पहले अपेक्षाकृत स्वच्छ हवा वाला माना जाता था। यह स्थिति पंजाब की आबादी के श्वसन स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए पराली जलाने और वाहनों के उत्सर्जन दोनों को नियंत्रित करने के प्रभावी उपायों की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित करती है।