📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Harvinder Chandigarh
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पंजाब हाईकोर्ट ने पेड़ काटने के नए कानून को रोका, 251 पुराने पेड़ बचाए
✍️ Amar Ujala · Punjab
🗓 03 नव. 2026, 09:38 PM
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पंजाब हाईकोर्ट ने 31 अक्टूबर को चेतावनी दी कि शुल्क‑आधारित पेड़‑कटने का नया नियम राज्य के पर्यावरण को नुकसान पहुँचा सकता है, जिससे कानून पर रोक और 251 पुराने पेड़ों की सुरक्षा हुई।
पंजाब हाईकोर्ट ने 31 अक्टूबर को हाल ही में पेश किए गए एक कानून की उन धाराों पर गहरी चिंता जताई, जिनमें शुल्क के बदले पेड़ काटने की अनुमति दी गई थी। कोर्ट ने चेतावनी दी कि यह प्रावधान राज्य के पर्यावरण को व्यापक रूप से क्षति पहुँचा सकता है।
इस चिंता के मद्देनज़र, कोर्ट ने उस कानून के कार्यान्वयन पर तत्काल रोक लगाने का आदेश दिया, जिससे शुल्क‑आधारित योजना के तहत पेड़ काटना रोका गया। परिणामस्वरूप, 251 पुराने पेड़ जो काटे जाने थे, बचाए गए।
कानूनी विशेषज्ञों ने कहा कि यह फैसला प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा में न्यायपालिका की भूमिका को रेखांकित करता है और राज्य सरकार को अपनी वन नीतियों की पुनः समीक्षा करने के लिए प्रेरित कर सकता है। सरकार ने अभी तक कोर्ट के निर्देश पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
पर्यावरण संगठनों ने इस फैसले का स्वागत किया, इसे पंजाब की घटती हरित आवरण की रक्षा के लिए आवश्यक कदम बताया। यह मामला विकास पहलों और पर्यावरणीय संरक्षण के बीच बढ़ते तनाव को उजागर करता है।
इस चिंता के मद्देनज़र, कोर्ट ने उस कानून के कार्यान्वयन पर तत्काल रोक लगाने का आदेश दिया, जिससे शुल्क‑आधारित योजना के तहत पेड़ काटना रोका गया। परिणामस्वरूप, 251 पुराने पेड़ जो काटे जाने थे, बचाए गए।
कानूनी विशेषज्ञों ने कहा कि यह फैसला प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा में न्यायपालिका की भूमिका को रेखांकित करता है और राज्य सरकार को अपनी वन नीतियों की पुनः समीक्षा करने के लिए प्रेरित कर सकता है। सरकार ने अभी तक कोर्ट के निर्देश पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
पर्यावरण संगठनों ने इस फैसले का स्वागत किया, इसे पंजाब की घटती हरित आवरण की रक्षा के लिए आवश्यक कदम बताया। यह मामला विकास पहलों और पर्यावरणीय संरक्षण के बीच बढ़ते तनाव को उजागर करता है।