📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yann Forget
अपराध
मध्य प्रदेश-गुजरात सीमा पर अवैध शराब का संगठित सिंडिकेट
✍️ Amar Ujala · Indore
🗓 04 नव. 2026, 06:36 PM
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मध्य प्रदेश के मालवा और निमाड़ क्षेत्रों से गुजरात तक फैला अवैध शराब का कारोबार एक संगठित सिंडिकेट के रूप में चल रहा है, जिसमें करोड़ों रुपये की गतिविधियाँ शामिल हैं।
मध्य प्रदेश और गुजरात की सीमावर्ती क्षेत्रों में एक संगठित सिंडिकेट द्वारा अवैध शराब का व्यापार संचालित किया जा रहा है। यह गैरकानूनी नेटवर्क मध्य प्रदेश के मालवा और निमाड़ क्षेत्रों से शुरू होकर गुजरात तक फैला हुआ है और एक संरचित अपराधिक व्यवस्था के रूप में काम कर रहा है।
इस काले बाजार की गतिविधियों में करोड़ों रुपये का खेल शामिल है। यह सिंडिकेट पूरे आपूर्ति श्रृंखला (supply chain) का प्रबंधन करता है, जिसमें शराब की दुकानों के ठेके पाने, परिवहन की व्यवस्था और खपत तक की सुविधाएँ शामिल हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह नेटवर्क अपराधियों और प्रशासनिक स्तर की मिलीभगत से संचालित होता है। कारोबार की हर चरण, चाहे वह प्रारंभिक खरीदारी और लाइसेंस हो या अंतिम वितरण और बिक्री, इस संगठित तंत्र का हिस्सा है।
सीमावर्ती क्षेत्रों में इतने बड़े नेटवर्क की मौजूदगी अवैध शराब के व्यापार की जटिलता को दर्शाती है, जहाँ कई पक्षकारों के बीच समन्वय के कारण कानून प्रवर्तन में चुनौतियाँ बढ़ जाती हैं।
इस काले बाजार की गतिविधियों में करोड़ों रुपये का खेल शामिल है। यह सिंडिकेट पूरे आपूर्ति श्रृंखला (supply chain) का प्रबंधन करता है, जिसमें शराब की दुकानों के ठेके पाने, परिवहन की व्यवस्था और खपत तक की सुविधाएँ शामिल हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह नेटवर्क अपराधियों और प्रशासनिक स्तर की मिलीभगत से संचालित होता है। कारोबार की हर चरण, चाहे वह प्रारंभिक खरीदारी और लाइसेंस हो या अंतिम वितरण और बिक्री, इस संगठित तंत्र का हिस्सा है।
सीमावर्ती क्षेत्रों में इतने बड़े नेटवर्क की मौजूदगी अवैध शराब के व्यापार की जटिलता को दर्शाती है, जहाँ कई पक्षकारों के बीच समन्वय के कारण कानून प्रवर्तन में चुनौतियाँ बढ़ जाती हैं।