📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yann Forget
नौकरी
एमपी हाई कोर्ट ने 23 हजार ग्राम रोजगार सहायकों को तबादले पर यात्रा भत्ते का आदेश दिया
✍️ Amar Ujala · Jabalpur
🗓 31 अक्टू. 2026, 05:36 PM
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मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने लगभग 23 हजार ग्राम रोजगार सहायकों को तबादले पर यात्रा और अनिवार्य भत्ते देने का आदेश दिया है। साथ ही, कोर्ट ने छह महीने के भीतर स्थानांतरण और आवास भत्ते की नीति बनाने का निर्देश दिया है।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने प्रदेश भर के लगभग 23 हजार ग्राम रोजगार सहायकों को बड़ी राहत देते हुए एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। न्यायालय ने निर्देश दिया है कि जब भी इन अधिकारियों का तबादला किया जाता है, उन्हें यात्रा भत्ता और अन्य अनिवार्य भत्ते अवश्य दिए जाएंगे।
कोर्ट ने तबादले के दौरान कर्मचारियों को होने वाले खर्चों के लिए वित्तीय सहायता की आवश्यकता पर जोर दिया। इस आदेश से स्थानांतरण से जुड़े लागत के बोझ को राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा, जिससे कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही शिकायतों का निवारण होगा।
इसके अलावा, हाई कोर्ट ने राज्य प्रशासन को स्थानांतरण और आवास भत्ते (HRA) से जुड़ी एक व्यापक नीति बनाने का भी निर्देश दिया है। सरकार को इस आदेश के छह महीने के भीतर यह नीति तैयार कर लागू करने की अनिवार्यता है।
यह फैसला मध्य प्रदेश के ग्रामीण स्तर पर कार्यरत बड़ी संख्या में कर्मचारियों के सेवा शर्तों को प्रभावित करने वाला है, जो उनके स्थानांतरण प्रक्रिया और वित्तीय अधिकारों में अधिक पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित करेगा।
कोर्ट ने तबादले के दौरान कर्मचारियों को होने वाले खर्चों के लिए वित्तीय सहायता की आवश्यकता पर जोर दिया। इस आदेश से स्थानांतरण से जुड़े लागत के बोझ को राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा, जिससे कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही शिकायतों का निवारण होगा।
इसके अलावा, हाई कोर्ट ने राज्य प्रशासन को स्थानांतरण और आवास भत्ते (HRA) से जुड़ी एक व्यापक नीति बनाने का भी निर्देश दिया है। सरकार को इस आदेश के छह महीने के भीतर यह नीति तैयार कर लागू करने की अनिवार्यता है।
यह फैसला मध्य प्रदेश के ग्रामीण स्तर पर कार्यरत बड़ी संख्या में कर्मचारियों के सेवा शर्तों को प्रभावित करने वाला है, जो उनके स्थानांतरण प्रक्रिया और वित्तीय अधिकारों में अधिक पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित करेगा।