📷 चित्र स्रोत: The Hindu (via NewsData)
अपराध
छंबल में बंदूक संस्कृति को उजागर करते हुए छिपकलियों के शॉटिंग जांच में मध्य प्रदेश वन अधिकारियों ने कहा
✍️ The Hindu
🗓 30 अक्टू. 2026, 05:44 AM
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मध्य प्रदेश के वन अधिकारियों ने कहा कि छंबल क्षेत्र में बढ़ती बंदूक संस्कृति छिपकली के शॉटिंग की जांच में अहम बिंदु बन गई है, और यह बात वरिष्ठ पुलिस को बताई गई है।
मध्य प्रदेश के वन विभाग ने छंबल क्षेत्र में बढ़ती बंदूक संस्कृति को उजागर किया है, क्योंकि अधिकारियों ने हाल ही में छिपकली के शॉटिंग की जांच शुरू की है। विभाग के एक अधिकारी ने दलील दी कि हथियारों की उपलब्धता इस मामले का "महत्वपूर्ण पहलू" बन गई है, जो यह समझने में मदद कर सकती है कि जानवर को कैसे निशाना बनाया गया।
यह मुद्दा वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भी बताया गया है, जो अब अवैध शिकार और क्षेत्र में हथियारों के प्रसार के बीच संबंधों की जांच कर रहे हैं। वन अधिकारियों ने कहा कि अनियंत्रित बंदूक उपयोग न केवल छिपकलियों बल्कि छंबल के नदी किनारे के जंगलों में रहने वाले अन्य संवेदनशील प्रजातियों के लिये भी खतरा है।
जांच टीम शॉटिंग स्थल से फॉरेन्सिक साक्ष्य इकट्ठा कर रही है और अवैध हथियारों को रोकने के लिये कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय कर रही है। मामले की पूरी जानकारी अभी भी जुटाई जा रही है, ताकि जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान कर इस क्षेत्र में भविष्य में वन अपराधों को रोका जा सके।
यह मुद्दा वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भी बताया गया है, जो अब अवैध शिकार और क्षेत्र में हथियारों के प्रसार के बीच संबंधों की जांच कर रहे हैं। वन अधिकारियों ने कहा कि अनियंत्रित बंदूक उपयोग न केवल छिपकलियों बल्कि छंबल के नदी किनारे के जंगलों में रहने वाले अन्य संवेदनशील प्रजातियों के लिये भी खतरा है।
जांच टीम शॉटिंग स्थल से फॉरेन्सिक साक्ष्य इकट्ठा कर रही है और अवैध हथियारों को रोकने के लिये कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय कर रही है। मामले की पूरी जानकारी अभी भी जुटाई जा रही है, ताकि जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान कर इस क्षेत्र में भविष्य में वन अपराधों को रोका जा सके।