📷 चित्र स्रोत: Hindustan Times (via NewsData)
राजनीति
लद्दाख के शराब व्यापारियों ने सोनम वांगचुक की सूखी UT मांग पर उठाए सवाल
✍️ Hindustan Times
🗓 02 नव. 2026, 04:44 AM
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लद्दाख के शराब व्यापारियों ने सोनम वांगचुक के सूखी संघीय प्रदेश की मांग पर आपत्ति जताई है। उन्होंने सवाल उठाया कि शराब पर प्रतिबंध लगाने की बजाय अन्य आदतों पर क्यों ध्यान नहीं दिया जाता और वांगचुक के अपने वाइन ब्रांड की लाइसेंस पर भी सवाल खड़े किए।
लद्दाख के शराब व्यापारियों ने सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की हालिया मांग, जिसमें संघीय प्रदेश को 'ड्राई' घोषित करने की वकालत की गई है, के खिलाफ अपनी आपत्ति दर्ज की है। व्यापारियों का तर्क है कि यह प्रतिबंध चुनिंदा है, क्योंकि ड्रग्स के सेवन, सिगरेट पीने और मांस खाने जैसी अन्य आदतों पर इसी तरह की सीमाएँ नहीं लगाई गई हैं।
इंडस्ट्री प्रतिनिधियों ने इस मांग की सुसंगति पर सवाल उठाया। उनका कहना है कि यदि लक्ष्य हानिकारक उपभोग को कम करना है, तो दृष्टिकोण व्यापक होना चाहिए, न कि केवल शराब पर केंद्रित। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि क्षेत्र में कई लोगों की रोजी-रोटी कानूनी शराब के कारोबार पर निर्भर है।
इसके अलावा, व्यापारियों ने वांगचुक के व्यक्तिगत हितों पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने उनके वाइन ब्रांड के लाइसेंस का जिक्र करते हुए पूछा कि जब वे खुद शराब के व्यापार से जुड़े हैं, तो वे ऐसे व्यापक राजनीतिक मांगों को क्यों उठा रहे हैं।
यह विवाद लद्दाख में पर्यावरण/सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय आर्थिक हितधारकों के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाता है। हालांकि वांगचुक एक स्वस्थ समाज की वकालत करते हैं, लेकिन व्यापार संगठन का मानना है कि एक सामान्य प्रतिबंध आर्थिक रूप से नुकसानदायक होगा और अन्य जीवनशैली के विकल्पों को नजरअंदाज करते हुए तर्कसंगत नहीं है।
इंडस्ट्री प्रतिनिधियों ने इस मांग की सुसंगति पर सवाल उठाया। उनका कहना है कि यदि लक्ष्य हानिकारक उपभोग को कम करना है, तो दृष्टिकोण व्यापक होना चाहिए, न कि केवल शराब पर केंद्रित। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि क्षेत्र में कई लोगों की रोजी-रोटी कानूनी शराब के कारोबार पर निर्भर है।
इसके अलावा, व्यापारियों ने वांगचुक के व्यक्तिगत हितों पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने उनके वाइन ब्रांड के लाइसेंस का जिक्र करते हुए पूछा कि जब वे खुद शराब के व्यापार से जुड़े हैं, तो वे ऐसे व्यापक राजनीतिक मांगों को क्यों उठा रहे हैं।
यह विवाद लद्दाख में पर्यावरण/सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय आर्थिक हितधारकों के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाता है। हालांकि वांगचुक एक स्वस्थ समाज की वकालत करते हैं, लेकिन व्यापार संगठन का मानना है कि एक सामान्य प्रतिबंध आर्थिक रूप से नुकसानदायक होगा और अन्य जीवनशैली के विकल्पों को नजरअंदाज करते हुए तर्कसंगत नहीं है।