📷 चित्र स्रोत: The Hindu (via NewsData)
देश
कर्नाटक में चीनी मंजा के बिक्री और उपयोग पर राज्यव्यापी प्रतिबंध की मांग KSPCA ने की
✍️ The Hindu
🗓 03 नव. 2026, 07:50 PM
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कर्नाटक राज्य प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण (KSPCA) ने प्रतिबंधित चीनी मंजा की बिक्री और उपयोग को रोकने के लिए राज्यव्यापी कड़ी कार्रवाई की मांग की है, जो पर्यावरण और सुरक्षा के लिए हानिकारक है।
कर्नाटक राज्य प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण (KSPCA) ने चीनी मंजा की बिक्री और उपयोग को नियंत्रित करने के लिए राज्य भर में व्यापक कार्रवाई की मांग की है। प्राधिकरण ने इस हानिकारिक पतंग की डोर के प्रसार को रोकने के लिए मौजूदा प्रतिबंधों को कड़ी निगरानी के साथ लागू करने पर जोर दिया है।
चीनी मंजा, जो कांच के पाउडर से ढका होता है, सार्वजनिक सुरक्षा और पर्यावरण दोनों के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है। यह पक्षियों को गंभीर रूप से घायल करता है और अक्सर उनकी मौत का कारण बनता है, साथ ही बिजली की लाइनों और पैदल चलने वालों के लिए भी खतरनाक होता है। KSPCA ने इस प्रतिबंधित उत्पाद की लगातार उपलब्धता का पर्यावरण संरक्षण प्रयासों को कमजोर करने की ओर संकेत किया है।
प्राधिकरण ने स्थानीय प्रशासन और कानून प्रवर्तन एजेंसियों से नियमित जांचें करने और इस प्रतिबंधित सामग्री की बिक्री करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने की अपील की है। पर्यावरणीय क्षति को कम करने और पतंग उड़ान मौसम में सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त कार्रवाई को अत्यंत आवश्यक माना गया है।
KSPCA का यह कदम कर्नाटक में नियामक अनुपालन को मजबूत करने और पारंपरिक पतंग उड़ान की गतिविधियों के पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने के उद्देश्य से है। राज्य हानिकारक पतंग की डोर के व्यापार के लिए शून्य सहनशीलता का वातावरण बनाने की दिशा में काम कर रहा है।
चीनी मंजा, जो कांच के पाउडर से ढका होता है, सार्वजनिक सुरक्षा और पर्यावरण दोनों के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है। यह पक्षियों को गंभीर रूप से घायल करता है और अक्सर उनकी मौत का कारण बनता है, साथ ही बिजली की लाइनों और पैदल चलने वालों के लिए भी खतरनाक होता है। KSPCA ने इस प्रतिबंधित उत्पाद की लगातार उपलब्धता का पर्यावरण संरक्षण प्रयासों को कमजोर करने की ओर संकेत किया है।
प्राधिकरण ने स्थानीय प्रशासन और कानून प्रवर्तन एजेंसियों से नियमित जांचें करने और इस प्रतिबंधित सामग्री की बिक्री करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने की अपील की है। पर्यावरणीय क्षति को कम करने और पतंग उड़ान मौसम में सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त कार्रवाई को अत्यंत आवश्यक माना गया है।
KSPCA का यह कदम कर्नाटक में नियामक अनुपालन को मजबूत करने और पारंपरिक पतंग उड़ान की गतिविधियों के पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने के उद्देश्य से है। राज्य हानिकारक पतंग की डोर के व्यापार के लिए शून्य सहनशीलता का वातावरण बनाने की दिशा में काम कर रहा है।