📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Hans A. Rosbach
ऑटोमोबाइल
केरल में दुर्घटना रिकॉर्ड वाले ड्राइवरों की प्रोफ़ाइल और रोड‑सेफ़्टी मॉनिटरिंग प्लेटफ़ॉर्म
✍️ Onmanorama
🗓 05 नव. 2026, 08:45 AM
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केरल सरकार दुर्घटना में शामिल ड्राइवरों के रिकॉर्ड तैयार कर एक राज्यव्यापी डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से सड़क सुरक्षा की निगरानी करेगी।
केरल सरकार ने सड़क दुर्घटनाओं में शामिल ड्राइवरों की प्रोफ़ाइल तैयार करने की नई पहल की घोषणा की है। पुलिस रिपोर्ट और ट्रैफ़िक विभाग के डेटा को मिलाकर प्रत्येक चालक का इतिहास तैयार किया जाएगा, जिसे प्रवर्तन एजेंसियां उपयोग कर सकेंगी।
इन प्रोफ़ाइलों को राज्यव्यापी रोड‑सेफ़्टी मॉनिटरिंग प्लेटफ़ॉर्म में एकीकृत किया जाएगा, जिसमें वास्तविक‑समय ट्रैफ़िक डेटा, दुर्घटना के हॉटस्पॉट और अनुपालन मेट्रिक्स शामिल होंगे। इस प्रणाली से उच्च‑जोखिम वाले ड्राइवरों की शीघ्र पहचान और रिफ्रेशर प्रशिक्षण, लाइसेंस निलंबन या जुर्माना जैसे लक्षित उपाय संभव होंगे।
परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह प्लेटफ़ॉर्म चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, पहले पायलट जिलों में परीक्षण के बाद पूरे राज्य में विस्तार किया जाएगा। यह कदम केरल के सड़क‑मृत्यु दर को घटाने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है।
ड्राइवर यूनियनों और सड़क‑सुरक्षा NGOs सहित कई हितधारकों से परामर्श किया गया है, ताकि प्रोफ़ाइलिंग प्रक्रिया गोपनीयता मानकों का सम्मान करे और सार्वजनिक सुरक्षा में सुधार लाए। सरकार का मानना है कि यह डिजिटल उपकरण प्रवर्तन की दक्षता बढ़ाएगा और अंततः दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों को कम करेगा।
कार्यान्वयन अगले वर्ष की शुरुआत में शुरू होने की संभावना है, और परिवहन विभाग द्वारा नियमित रूप से प्रगति की जानकारी जारी की जाएगी।
इन प्रोफ़ाइलों को राज्यव्यापी रोड‑सेफ़्टी मॉनिटरिंग प्लेटफ़ॉर्म में एकीकृत किया जाएगा, जिसमें वास्तविक‑समय ट्रैफ़िक डेटा, दुर्घटना के हॉटस्पॉट और अनुपालन मेट्रिक्स शामिल होंगे। इस प्रणाली से उच्च‑जोखिम वाले ड्राइवरों की शीघ्र पहचान और रिफ्रेशर प्रशिक्षण, लाइसेंस निलंबन या जुर्माना जैसे लक्षित उपाय संभव होंगे।
परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह प्लेटफ़ॉर्म चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, पहले पायलट जिलों में परीक्षण के बाद पूरे राज्य में विस्तार किया जाएगा। यह कदम केरल के सड़क‑मृत्यु दर को घटाने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है।
ड्राइवर यूनियनों और सड़क‑सुरक्षा NGOs सहित कई हितधारकों से परामर्श किया गया है, ताकि प्रोफ़ाइलिंग प्रक्रिया गोपनीयता मानकों का सम्मान करे और सार्वजनिक सुरक्षा में सुधार लाए। सरकार का मानना है कि यह डिजिटल उपकरण प्रवर्तन की दक्षता बढ़ाएगा और अंततः दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों को कम करेगा।
कार्यान्वयन अगले वर्ष की शुरुआत में शुरू होने की संभावना है, और परिवहन विभाग द्वारा नियमित रूप से प्रगति की जानकारी जारी की जाएगी।