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31 अक्टू. 2026•
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ISRO ने NVS-03 उपग्रह का प्रक्षेपण किया, नेविक और सैन्य स्वतंत्रता को बढ़ाया
📷 चित्र स्रोत: Times of India (via NewsData)
रक्षा

ISRO ने NVS-03 उपग्रह का प्रक्षेपण किया, नेविक और सैन्य स्वतंत्रता को बढ़ाया

✍️ Times of India 🗓 31 अक्टू. 2026, 08:36 AM 👁 3
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ISRO ने NVS-03 उपग्रह का सफल प्रक्षेपण किया, नेविक नेविगेशन सिस्टम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा, भारत की स्वायत्त सैन्य नेविगेशन क्षमताओं को बढ़ाने के उद्देश्य से।

20 नवंबर 2023 को ISRO ने श्रीहरिकोटा स्थित सतीश दहाड़ा अंतरिक्ष केंद्र से PSLV-C54 रॉकेट के माध्यम से NVS-03 उपग्रह का प्रक्षेपण किया। यह उपग्रह, NavIC‑3 श्रृंखला का हिस्सा, 20,200 किमी की मध्यम पृथ्वी कक्षा में स्थापित किया गया, जहाँ यह मौजूदा नेविक उपग्रहों के साथ कार्य करेगा।

NVS-03 को भारत के स्वदेशी नेविगेशन सिस्टम की सटीकता और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए डिजाइन किया गया है। इस नए उपग्रह के जुड़ने से नेविक नेटवर्क में अतिरिक्त पुनरावृत्ति (रेडंडेंसी) मिलती है, जिससे सेवा में रुकावट का जोखिम कम होता है और नागरिक व रक्षा दोनों उपयोगों के लिए पोज़िशनिंग की सटीकता में सुधार होता है।

इस प्रक्षेपण से सैन्य स्वतंत्रता को बढ़ावा देने में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। नेविक भारतीय सशस्त्र बलों को विदेशी GPS अवसंरचना पर निर्भरता से मुक्त एक नेविगेशन सिस्टम प्रदान करता है, जिससे परिचालन सुरक्षा और रणनीतिक स्वायत्तता मजबूत होती है।

ISRO द्वारा NVS-03 का सफल प्रक्षेपण यह भी दर्शाता है कि एजेंसी जटिल नेविगेशन उपग्रहों को समय पर और बजट के भीतर लॉन्च करने की क्षमता रखती है, जिससे भारत को अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में अग्रणी स्थान मिलता है।

आगे के चरण में, ISRO नेविक‑3 के अतिरिक्त उपग्रहों को तैनात करने की योजना बना रहा है, ताकि कवरेज का विस्तार हो और राष्ट्र के लिए एक मजबूत, आत्मनिर्भर नेविगेशन नेटवर्क सुनिश्चित हो सके।
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