📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / President of Indonesia
विदेश
भारत ने ASEAN को आतंकवाद निरोध की रणनीति दी, 'सभी के लिए एक' शक
✍️ South China Morning Post
🗓 03 नव. 2026, 07:43 AM
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भारत ASEAN देशों को अपना आतंकवाद निरोधक अनुभव साझा कर रहा है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या ये रणनीतियां दक्षिण-पूर्व एशिया के विविध संदर्भों में समान रूप से लागू हो सकती हैं।
भारत ने दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों की संस्था (ASEAN) के साथ अपने व्यापक आतंकवाद निरोधक अनुभव साझा करने का प्रयास किया है। यह पहल नई दिल्ली की क्षेत्रीय सुरक्षा वातावरण में बढ़ती भूमिका को दर्शाती है, जहां भारत अपने जटिल आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों से सीखी गई रणनीतियों को प्रस्तुत कर रहा है।
हालांकि, दक्षिण चाइना मॉर्निंग पोस्ट समेत कई विश्लेषकों ने इन रणनीतियों की व्यापक लागूता पर सवाल उठाए हैं। मुख्य बहस यह है कि क्या भारत की विशिष्ट आतंकवाद निरोधक मॉडल को दक्षिण-पूर्व एशिया के विविध राजनीतिक और सामाजिक परिदृश्यों के लिए 'सभी के लिए एक' समाधान के रूप में अपनाया जा सकता है।
यह चर्चा सुरक्षा सिद्धांतों के देशों के बीच स्थानांतरण की जटिलता को रेखांकित करती है। भारत की विशेषज्ञता की कद्र की जाती है, लेकिन इन पाठों की प्रभावशीलता इस बात पर निर्भर है कि उन्हें ASEAN सदस्य देशों के अद्वितीय स्थानीय संदर्भों के अनुसार कितनी अच्छी तरह अनुकूलित किया जा सकता है।
यह आदान-प्रदान क्षेत्रीय सहयोग के एक बड़े रुझान को दर्शाता है, जहां सुरक्षा ज्ञान साझा करना राजनयिक संबंधों का एक प्रमुख स्तंभ बन रहा है। इस बातचीत का उद्देश्य एशिया-प्रशांत क्षेत्र में पार-देशी आतंकवाद से लड़ने के लिए एक अधिक एकीकृत दृष्टिकोण को बढ़ावा देना है।
हालांकि, दक्षिण चाइना मॉर्निंग पोस्ट समेत कई विश्लेषकों ने इन रणनीतियों की व्यापक लागूता पर सवाल उठाए हैं। मुख्य बहस यह है कि क्या भारत की विशिष्ट आतंकवाद निरोधक मॉडल को दक्षिण-पूर्व एशिया के विविध राजनीतिक और सामाजिक परिदृश्यों के लिए 'सभी के लिए एक' समाधान के रूप में अपनाया जा सकता है।
यह चर्चा सुरक्षा सिद्धांतों के देशों के बीच स्थानांतरण की जटिलता को रेखांकित करती है। भारत की विशेषज्ञता की कद्र की जाती है, लेकिन इन पाठों की प्रभावशीलता इस बात पर निर्भर है कि उन्हें ASEAN सदस्य देशों के अद्वितीय स्थानीय संदर्भों के अनुसार कितनी अच्छी तरह अनुकूलित किया जा सकता है।
यह आदान-प्रदान क्षेत्रीय सहयोग के एक बड़े रुझान को दर्शाता है, जहां सुरक्षा ज्ञान साझा करना राजनयिक संबंधों का एक प्रमुख स्तंभ बन रहा है। इस बातचीत का उद्देश्य एशिया-प्रशांत क्षेत्र में पार-देशी आतंकवाद से लड़ने के लिए एक अधिक एकीकृत दृष्टिकोण को बढ़ावा देना है।