📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Finance of India
राजनीति
वित्त मंत्री ने कहा, कैपेक्स बढ़ेगा, पर वित्तीय सतर्कता अपरिहार्य
✍️ The Hindu
🗓 03 नव. 2026, 12:43 PM
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वित्त मंत्री ने कैपेक्स बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई, साथ ही वित्तीय अनुशासन को अनिवार्य बताया।
नई दिल्ली – वित्त मंत्री ने मीडिया को दिया बयान देते हुए कहा कि सार्वजनिक पूंजी खर्च को बढ़ाने का सरकारी एजेंडा जारी रहेगा, साथ ही वित्तीय अनुशासन को कड़ा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बुनियादी ढांचा परियोजनाएँ और रणनीतिक निवेश विकास रणनीति के केंद्र में हैं, और आगामी वित्तीय वर्ष में सार्वजनिक पूंजी व्यय में निरंतर वृद्धि देखी जाएगी।
मंत्री ने चेतावनी दी कि जबकि कैपेक्स बढ़ावा रोजगार सृजन और दीर्घकालिक उत्पादकता के लिए आवश्यक है, इसे वित्तीय जिम्मेदारी ढांचे द्वारा निर्धारित घाटे के लक्ष्य के भीतर संतुलित रखना होगा। उन्होंने कहा कि बजट अनुशासन से कोई भी विचलन अस्वीकार्य होगा।
विश्लेषकों ने कहा कि यह रुख मौजूदा सरकार की आर्थिक योजना की निरंतरता को दर्शाता है, जिसका उद्देश्य मांग को प्रोत्साहित करना है जबकि宏观经济 स्थिरता को बनाए रखना है। वित्तीय सतर्कता पर जोर निवेशकों और रेटिंग एजेंसियों को भारत की सार्वजनिक वित्तीय प्रतिबद्धता के बारे में आश्वस्त करने की उम्मीद है।
वित्त मंत्रालय आगामी बजट दस्तावेज़ों में कैपेक्स पहलों के विशिष्ट आवंटन और समय‑सारिणी का विवरण देने की संभावना रखता है, जिसमें वित्तीय स्वास्थ्य को बनाए रखते हुए विकास को गति देने पर स्पष्ट फोकस रहेगा।
मंत्री ने चेतावनी दी कि जबकि कैपेक्स बढ़ावा रोजगार सृजन और दीर्घकालिक उत्पादकता के लिए आवश्यक है, इसे वित्तीय जिम्मेदारी ढांचे द्वारा निर्धारित घाटे के लक्ष्य के भीतर संतुलित रखना होगा। उन्होंने कहा कि बजट अनुशासन से कोई भी विचलन अस्वीकार्य होगा।
विश्लेषकों ने कहा कि यह रुख मौजूदा सरकार की आर्थिक योजना की निरंतरता को दर्शाता है, जिसका उद्देश्य मांग को प्रोत्साहित करना है जबकि宏观经济 स्थिरता को बनाए रखना है। वित्तीय सतर्कता पर जोर निवेशकों और रेटिंग एजेंसियों को भारत की सार्वजनिक वित्तीय प्रतिबद्धता के बारे में आश्वस्त करने की उम्मीद है।
वित्त मंत्रालय आगामी बजट दस्तावेज़ों में कैपेक्स पहलों के विशिष्ट आवंटन और समय‑सारिणी का विवरण देने की संभावना रखता है, जिसमें वित्तीय स्वास्थ्य को बनाए रखते हुए विकास को गति देने पर स्पष्ट फोकस रहेगा।