📷 चित्र स्रोत: TOI India (via NewsData)
देश
SC-ST सीटों की रोटेशन मांग पर CJI का फटकार: 'गलत नंबर डायल किया'
✍️ TOI India
🗓 04 नव. 2026, 07:58 PM
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SC और ST आरक्षित सीटों की रोटेशन की मांग करने वाले याचिकाकर्ता पर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्होंने गलत नंबर डायल किया है।
सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए एक याचिकाकर्ता ने SC और ST आरक्षित सीटों के लिए रोटेशन सिस्टम लागू करने की मांग की थी। इस मांग पर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) ने एक तीखी और प्रभावशाली टिप्पणी की।
CJI ने याचिकाकर्ता को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने 'गलत नंबर डायल किया है'। इस कथन से स्पष्ट हुआ कि सुप्रीम कोर्ट ऐसे प्रशासनिक या कानूनी संरचनात्मक बदलावों के लिए सही मंच नहीं है, जिनके लिए संसद या कार्यकारी तंत्र की संस्थागत प्रक्रिया आवश्यक है।
यह घटना भारत में आरक्षण प्रणाली के संरचनात्मक पहलुओं पर चल रही बहस को उजागर करती है। याचिकाकर्ता न्यायिक हस्तक्षेप की अपेक्षा में थे, लेकिन CJI की टिप्पणी ने यह संकेत दिया कि आरक्षण की तंत्रबद्धता जैसे मुद्दों पर न्यायालय की भूमिका सीमित होती है।
न्यायिक अवलोककों ने इस बात पर जोर दिया कि CJI की यह टिप्पणी एक स्पष्ट संकेत है कि सुप्रीम कोर्ट को नीतिगत आंदोलन या ऐसी मांगों के लिए उपयोग नहीं किया जाना चाहिए जिनका सीधा कानूनी उपाय न हो।
CJI ने याचिकाकर्ता को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने 'गलत नंबर डायल किया है'। इस कथन से स्पष्ट हुआ कि सुप्रीम कोर्ट ऐसे प्रशासनिक या कानूनी संरचनात्मक बदलावों के लिए सही मंच नहीं है, जिनके लिए संसद या कार्यकारी तंत्र की संस्थागत प्रक्रिया आवश्यक है।
यह घटना भारत में आरक्षण प्रणाली के संरचनात्मक पहलुओं पर चल रही बहस को उजागर करती है। याचिकाकर्ता न्यायिक हस्तक्षेप की अपेक्षा में थे, लेकिन CJI की टिप्पणी ने यह संकेत दिया कि आरक्षण की तंत्रबद्धता जैसे मुद्दों पर न्यायालय की भूमिका सीमित होती है।
न्यायिक अवलोककों ने इस बात पर जोर दिया कि CJI की यह टिप्पणी एक स्पष्ट संकेत है कि सुप्रीम कोर्ट को नीतिगत आंदोलन या ऐसी मांगों के लिए उपयोग नहीं किया जाना चाहिए जिनका सीधा कानूनी उपाय न हो।