📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gaurav Dhwaj Khadka
धर्म
छठ पूजा 13 नवंबर से शुरू: बिहार में चार दिवसीय महापर्व की तैयारी तेज
✍️ Amar Ujala · Darbhanga
🗓 05 नव. 2026, 12:36 PM
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13 नवंबर से शुरू होने वाली चार दिवसीय छठ पूजा के लिए बिहार में दीपावली से भी अधिक तैयारियां चल रही हैं।
हिंदू पंचांग के अनुसार 13 नवंबर को छठ पूजा का पहला दिन शुरू होगा, जो सूर्य देव को समर्पित चार दिवसीय महापर्व है। बिहार भर में भक्त नदी किनारे और घाटों पर सूर्योदय‑सूर्यास्त की अर्घ्य विधि का पालन करने के लिए इकट्ठा हो रहे हैं।
पर्व से पहले के हफ्तों में स्थानीय प्रशासन और सामुदायिक समूहों ने सफाई अभियान तेज़ कर दिया है, अस्थायी आश्रय स्थापित किए हैं और भीड़ को संभालने के लिए प्रकाश व्यवस्था की है। इस वर्ष की तैयारियां हाल ही में मनाए गए दीपावली से भी अधिक व्यापक हैं, जो बिहार में छठ की गहरी आस्था को दर्शाती हैं।
परम्परागत रूप से बिहार से जुड़ी छठ अब कई अन्य राज्यों में भी मनाई जा रही है, जिससे सांस्कृतिक आदान‑प्रदान बढ़ रहा है। धार्मिक विद्वानों ने बताया कि व्रती—जो उपवास रखते हैं—की देखभाल में परिवार के बुजुर्ग और महिलाएँ मुख्य भूमिका निभाती हैं, उन्हें भोजन, पानी और मनोवैज्ञानिक समर्थन देना आवश्यक है।
पर्व 16 नवंबर को "उषा अर्घ्य" समारोह के साथ समाप्त होगा, जिसमें सूर्यास्त के समय अर्घ्य अर्पित कर स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना की जाती है। अधिकारियों ने सुरक्षा नियमों का पालन, स्वच्छता बनाए रखने और स्थानीय आदेशों का सम्मान करने की अपील की है।
पर्व से पहले के हफ्तों में स्थानीय प्रशासन और सामुदायिक समूहों ने सफाई अभियान तेज़ कर दिया है, अस्थायी आश्रय स्थापित किए हैं और भीड़ को संभालने के लिए प्रकाश व्यवस्था की है। इस वर्ष की तैयारियां हाल ही में मनाए गए दीपावली से भी अधिक व्यापक हैं, जो बिहार में छठ की गहरी आस्था को दर्शाती हैं।
परम्परागत रूप से बिहार से जुड़ी छठ अब कई अन्य राज्यों में भी मनाई जा रही है, जिससे सांस्कृतिक आदान‑प्रदान बढ़ रहा है। धार्मिक विद्वानों ने बताया कि व्रती—जो उपवास रखते हैं—की देखभाल में परिवार के बुजुर्ग और महिलाएँ मुख्य भूमिका निभाती हैं, उन्हें भोजन, पानी और मनोवैज्ञानिक समर्थन देना आवश्यक है।
पर्व 16 नवंबर को "उषा अर्घ्य" समारोह के साथ समाप्त होगा, जिसमें सूर्यास्त के समय अर्घ्य अर्पित कर स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना की जाती है। अधिकारियों ने सुरक्षा नियमों का पालन, स्वच्छता बनाए रखने और स्थानीय आदेशों का सम्मान करने की अपील की है।