📷 चित्र स्रोत: TOI India (via NewsData)
सरकारी योजना
मृत अभिभावकों की विधवा‑तलाकशुदा बेटियों को CGHS कवरेज
✍️ TOI India
🗓 01 नव. 2026, 02:49 AM
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केन्द्र सरकार के स्वास्थ्य योजना CGHS ने अब मृत अभिभावकों की विधवा‑तलाकशुदा बेटियों को भी आश्रित के रूप में कवरेज दिया है।
केन्द्र सरकार की स्वास्थ्य योजना CGHS ने एक नई नीति लागू की है, जिसके तहत मृत अभिभावकों की विधवा या तलाकशुदा बेटियों को आश्रित के रूप में मान्यता दी जाएगी। इस बदलाव से इन महिलाओं को अपने माता‑पिता के निधन के बाद भी CGHS के तहत चिकित्सा लाभ मिल सकेंगे।
योग्यता के लिए यह शर्त रखी गई है कि बेटी पहले विवाहित रही हो और अब विधवा या तलाकशुदा हो, तथा उसके दोनों माता‑पिता का निधन हो चुका हो। उन्हें अपने माता‑पिता के मृत्यु प्रमाणपत्र के साथ विवाह व तलाक या विधवा प्रमाणपत्र भी CGHS कार्यालय में जमा करने होंगे।
इस नई व्यवस्था से उन्हें अन्य आश्रितों के समान आउट‑पेशेंट, विशेषज्ञ परामर्श और CGHS मान्यता प्राप्त अस्पतालों में भर्ती जैसी सुविधाएँ मिलेंगी। अधिकारियों ने बताया कि यह कदम उन महिलाओं के लिए सामाजिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उठाया गया है, जो अपने दोनों अभिभावकों को खोने के बाद असुरक्षित स्थिति में रहती हैं।
पहले CGHS केवल पति/पत्नी, बच्चे और अभिभावकों को ही कवर करता था। विधवा‑तलाकशुदा बेटियों को शामिल करके यह योजना सामाजिक सुरक्षा के व्यापक लक्ष्य के साथ तालमेल बिठा रही है।
योग्यता के लिए यह शर्त रखी गई है कि बेटी पहले विवाहित रही हो और अब विधवा या तलाकशुदा हो, तथा उसके दोनों माता‑पिता का निधन हो चुका हो। उन्हें अपने माता‑पिता के मृत्यु प्रमाणपत्र के साथ विवाह व तलाक या विधवा प्रमाणपत्र भी CGHS कार्यालय में जमा करने होंगे।
इस नई व्यवस्था से उन्हें अन्य आश्रितों के समान आउट‑पेशेंट, विशेषज्ञ परामर्श और CGHS मान्यता प्राप्त अस्पतालों में भर्ती जैसी सुविधाएँ मिलेंगी। अधिकारियों ने बताया कि यह कदम उन महिलाओं के लिए सामाजिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उठाया गया है, जो अपने दोनों अभिभावकों को खोने के बाद असुरक्षित स्थिति में रहती हैं।
पहले CGHS केवल पति/पत्नी, बच्चे और अभिभावकों को ही कवर करता था। विधवा‑तलाकशुदा बेटियों को शामिल करके यह योजना सामाजिक सुरक्षा के व्यापक लक्ष्य के साथ तालमेल बिठा रही है।