📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prami.ap90
राजनीति
भारद्वाज का आरोप: दिल्ली में AQI आंकड़ों में हेराफेरी, जन स्वास्थ्य से खिलवाड़
✍️ Amar Ujala · Delhi
🗓 06 नव. 2026, 07:37 PM
👁 3
राजनेता भारद्वाज ने दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के आंकड़ों में हेराफेरी का आरोप लगाया है। उन्होंने इसे जन स्वास्थ्य से खिलवाड़ बताया और इसे गंभीर चिंता का विषय बताया।
एक प्रमुख राजनेता भारद्वाज ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में वायु गुणवत्ता रिपोर्टिंग की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने एक कड़ी प्रतिक्रिया में आरोप लगाया है कि संबंधित अधिकारियों द्वारा वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के आंकड़ों में हेराफेरी की जा रही है, जिससे प्रदूषण की वास्तविक गंभीरता को छिपाया जा रहा है।
इस आरोप का केंद्र बिंदु यह दावा है कि आंकड़ों में यह हेराफेरी सांख्यिकीय त्रुटि नहीं, बल्कि जनसंख्या को खतरा डालने वाला एक जानबूझा कदम है। भारद्वाज ने इस प्रथा को 'जन स्वास्थ्य से खिलवाड़' बताया है, जिसका अर्थ है कि नागरिकों को इस बात से भ्रमित किया जा रहा है कि वह जो हवा सांस ले रहे हैं, वह सुरक्षित है, जिससे चिकित्सा प्रतिक्रिया में देरी और स्वास्थ्य जोखिम बढ़ सकते हैं।
यह आलोचना दिल्ली में पर्यावरण शासन और पारदर्शिता के बढ़ते तनाव को उजागर करती है। इस मुद्दे को केवल एक पर्यावरणीय समस्या के बजाय एक स्वास्थ्य आपातकाल के रूप में प्रस्तुत करके, इस बयान का उद्देश्य अधिकारियों पर दबाव बनाना है ताकि वे यह सुनिश्चित करें कि AQI रीडिंग ईमानदार हों और नागरिकों, विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों, की सुरक्षा के लिए वास्तविक स्थिति को दर्शाएं।
इस आरोप का केंद्र बिंदु यह दावा है कि आंकड़ों में यह हेराफेरी सांख्यिकीय त्रुटि नहीं, बल्कि जनसंख्या को खतरा डालने वाला एक जानबूझा कदम है। भारद्वाज ने इस प्रथा को 'जन स्वास्थ्य से खिलवाड़' बताया है, जिसका अर्थ है कि नागरिकों को इस बात से भ्रमित किया जा रहा है कि वह जो हवा सांस ले रहे हैं, वह सुरक्षित है, जिससे चिकित्सा प्रतिक्रिया में देरी और स्वास्थ्य जोखिम बढ़ सकते हैं।
यह आलोचना दिल्ली में पर्यावरण शासन और पारदर्शिता के बढ़ते तनाव को उजागर करती है। इस मुद्दे को केवल एक पर्यावरणीय समस्या के बजाय एक स्वास्थ्य आपातकाल के रूप में प्रस्तुत करके, इस बयान का उद्देश्य अधिकारियों पर दबाव बनाना है ताकि वे यह सुनिश्चित करें कि AQI रीडिंग ईमानदार हों और नागरिकों, विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों, की सुरक्षा के लिए वास्तविक स्थिति को दर्शाएं।