📷 चित्र स्रोत: Hindustan Times (via NewsData)
शिक्षा
2027 से बंगाली पाठ्यपुस्तकों में 'पानी' और 'अब्बा' शब्द हटेंगे
✍️ Hindustan Times
🗓 29 अक्टू. 2026, 12:43 PM
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सरकारी समिति ने 2027 से बंगाली पाठ्यपुस्तकों से 'पानी' और 'अब्बा' जैसे लोकप्रिय शब्द हटाने की योजना बनाई है। समिति ने तंग समय सीमा को बड़े स्तर पर बदलावों से बचने का कारण बताया।
सरकारी समिति ने 2027 के शैक्षणिक सत्र से प्रभावी होने के लिए बंगाली भाषा की पाठ्यपुस्तकों में महत्वपूर्ण बदलाव की योजना बनाई है। इस अपडेट का मुख्य उद्देश्य मानक पाठ्यक्रम से 'पानी' और 'अब्बा' जैसे अनौपचारिक और लोकप्रिय शब्दों को हटाना है।
पैनल के सदस्य चटर्जी के अनुसार, समिति ने मौजूदा पाठ्यपुस्तकों में बड़े स्तर पर संरचनात्मक बदलाव करने से जानबूझकर बचा। यह निर्णय तंग समय सीमा के तहत काम करने की आवश्यकता के कारण लिया गया, जिससे संशोधित पाठ्यक्रम निर्धारित समय में अंतिम रूप दिया जा सके।
यह कदम शिक्षा सामग्री में अधिक औपचारिक भाषाई दृष्टिकोण की ओर संकेत करता है। रोजमर्रा के लोकप्रिय शब्दों को हटाकर, सरकार स्कूलों में भाषा शिक्षण को मानकीकृत करने का लक्ष्य रखती है, हालांकि समय सीमा के अलावा अन्य शैक्षणिक कारणों का विस्तार से उल्लेख नहीं किया गया।
संशोधित पाठ्यक्रम को 2027 से संबंधित शैक्षणिक संस्थानों में लागू करने की उम्मीद है, जो बंगाली भाषा के शिक्षण में एक उल्लेखनीय बदलाव को दर्शाता है।
पैनल के सदस्य चटर्जी के अनुसार, समिति ने मौजूदा पाठ्यपुस्तकों में बड़े स्तर पर संरचनात्मक बदलाव करने से जानबूझकर बचा। यह निर्णय तंग समय सीमा के तहत काम करने की आवश्यकता के कारण लिया गया, जिससे संशोधित पाठ्यक्रम निर्धारित समय में अंतिम रूप दिया जा सके।
यह कदम शिक्षा सामग्री में अधिक औपचारिक भाषाई दृष्टिकोण की ओर संकेत करता है। रोजमर्रा के लोकप्रिय शब्दों को हटाकर, सरकार स्कूलों में भाषा शिक्षण को मानकीकृत करने का लक्ष्य रखती है, हालांकि समय सीमा के अलावा अन्य शैक्षणिक कारणों का विस्तार से उल्लेख नहीं किया गया।
संशोधित पाठ्यक्रम को 2027 से संबंधित शैक्षणिक संस्थानों में लागू करने की उम्मीद है, जो बंगाली भाषा के शिक्षण में एक उल्लेखनीय बदलाव को दर्शाता है।