📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Augustus Binu : flickr
कृषि
बाड़मेर में अनार की फसल को 'उकठा' रोग का खतरा, विशेषज्ञों ने दी सलाह
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 04 नव. 2026, 03:36 PM
👁 3
राजस्थान के बाड़मेर में अनार की फसल पर 'उकठा' रोग का खतरा बढ़ रहा है। कृषि विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप पगारिया ने किसानों को शुरुआती लक्षण पहचानने और वैज्ञानिक उपचार अपनाने की सलाह दी है।
राजस्थान के बाड़मेर जिले के किसानों को अनार की फसल में 'उकठा' रोग के बढ़ते खतरे का सामना करना पड़ रहा है। इस रोग के प्रमुख लक्षणों में पत्तियों का पीला पड़ना और उसके बाद पौधों का सूखना शामिल है, जो स्थानीय उपज के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
कृषि विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप पगारिया ने किसानों को इस समस्या के बारे में सतर्क किया है। उन्होंने बताया कि फसल को बचाने के लिए रोग के शुरुआती लक्षणों को पहचानना अत्यंत महत्वपूर्ण है, ताकि नुकसान को बढ़ने से रोका जा सके।
डॉ. पगारिया ने सलाह दी कि संक्रमित पौधों को तुरंत खेत से हटा दिया जाए। यह कदम रोग के अन्य स्वस्थ पौधों में फैलने को रोकने के लिए आवश्यक है और संक्रमण को नियंत्रित करने में मदद करता है।
इसके अलावा, विशेषज्ञ ने वैज्ञानिक उपचार विधियों को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने किसानों को सिंचाई और मिट्टी की नमी पर कड़ा नियंत्रण रखने की सलाह भी दी, क्योंकि पानी की गलत प्रबंधन रोग के प्रभाव को और बढ़ा सकता है।
कृषि विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप पगारिया ने किसानों को इस समस्या के बारे में सतर्क किया है। उन्होंने बताया कि फसल को बचाने के लिए रोग के शुरुआती लक्षणों को पहचानना अत्यंत महत्वपूर्ण है, ताकि नुकसान को बढ़ने से रोका जा सके।
डॉ. पगारिया ने सलाह दी कि संक्रमित पौधों को तुरंत खेत से हटा दिया जाए। यह कदम रोग के अन्य स्वस्थ पौधों में फैलने को रोकने के लिए आवश्यक है और संक्रमण को नियंत्रित करने में मदद करता है।
इसके अलावा, विशेषज्ञ ने वैज्ञानिक उपचार विधियों को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने किसानों को सिंचाई और मिट्टी की नमी पर कड़ा नियंत्रण रखने की सलाह भी दी, क्योंकि पानी की गलत प्रबंधन रोग के प्रभाव को और बढ़ा सकता है।