📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Pokemonprime
देश
लाइसेंस की अमानत पर बीमा कंपनी ने दावा अस्वीकार किया, विधवा को 10 लाख रुपये
✍️ The Indian Express
🗓 29 अक्टू. 2026, 11:40 PM
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एक अदालत ने विधवा को 10 लाख रुपये दिए, जब बीमा कंपनी ने मृत्यु के बाद दावा अस्वीकार कर दिया था। कंपनी ने इसकी वजह ड्राइविंग लाइसेंस की अमानत बताई थी।
बीमा दावे से जुड़े एक कानूनी विवाद का निपटारा एक विधवा के पक्ष में हुआ है। यह मामला एक घातक सड़क दुर्घटना से जुड़ा था, जहाँ बीमा कंपनी ने मुआवज़े का भुगतान करने से इनकार कर दिया था।
बीमा कंपनी ने दावा अस्वीकार करने का कारण यह बताया था कि दुर्घटना के समय मृतक चालक का ड्राइविंग लाइसेंस अमानत (expired) हो चुका था। कंपनी ने इस तकनीकी खिल्ले का हवाला देते हुए अपनी ज़िम्मेदारी से इनकार कर दिया था।
हालाँकि, अदालत ने बीमा कंपनी के तर्कों को स्वीकार नहीं किया। न्यायालय ने यह मानने से इनकार कर दिया कि लाइसेंस की अमानत दावा करने का अधिकार खत्म करने का पर्याप्त कारण है। परिणामस्वरूप, अदालत ने विधवा को 10 लाख रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया।
यह फैसला घातक दुर्घटनाओं में मुआवज़े के अधिकार को बनाए रखने के न्यायिक दृष्टिकोण को दर्शाता है, जहाँ तकनीकी कमियों को पीड़ित परिवार की आर्थिक राहत से वंचित करने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
बीमा कंपनी ने दावा अस्वीकार करने का कारण यह बताया था कि दुर्घटना के समय मृतक चालक का ड्राइविंग लाइसेंस अमानत (expired) हो चुका था। कंपनी ने इस तकनीकी खिल्ले का हवाला देते हुए अपनी ज़िम्मेदारी से इनकार कर दिया था।
हालाँकि, अदालत ने बीमा कंपनी के तर्कों को स्वीकार नहीं किया। न्यायालय ने यह मानने से इनकार कर दिया कि लाइसेंस की अमानत दावा करने का अधिकार खत्म करने का पर्याप्त कारण है। परिणामस्वरूप, अदालत ने विधवा को 10 लाख रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया।
यह फैसला घातक दुर्घटनाओं में मुआवज़े के अधिकार को बनाए रखने के न्यायिक दृष्टिकोण को दर्शाता है, जहाँ तकनीकी कमियों को पीड़ित परिवार की आर्थिक राहत से वंचित करने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।