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राजनीति
सार्वजनिक प्रशासन पर है महत्वपूर्ण मोड़, वीपी ने कहा तेज, नागरिक-केंद्रित शासन की आवश्यकता
✍️ Hindustan Times
🗓 31 अक्टू. 2026, 07:48 PM
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उपाध्यक्ष ने तेज़, नागरिक-केंद्रित शासन की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि सार्वजनिक प्रशासन एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है।
उपाध्यक्ष ने तेज़ और नागरिक-केंद्रित शासन की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि सार्वजनिक प्रशासन एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है। उन्होंने बताया कि वर्तमान सेवा वितरण और निर्णय‑निर्माण की गति को बढ़ाना आवश्यक है ताकि जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरा जा सके। यह टिप्पणी प्रशासनिक सुधारों और डिजिटल पहलों के संदर्भ में की गई, जिसका उद्देश्य पारदर्शिता और दक्षता को बढ़ाना है।
उपाध्यक्ष ने बताया कि सरकार की नीतियों को आम नागरिकों की जरूरतों के अनुरूप बनाना चाहिए, और सार्वजनिक सेवाओं को सुलभ, समय पर और उत्तरदायी बनाना चाहिए। उन्होंने राज्य और स्थानीय प्राधिकरणों से आग्रह किया कि वे ई‑गवर्नेंस के सर्वश्रेष्ठ अभ्यास अपनाएँ और उन प्रक्रियाओं को सरल बनायें जो वर्तमान में सेवा वितरण में बाधा डालती हैं।
यह वक्तव्य उसी समय आया जब सरकार नागरिक सहभागिता बढ़ाने के लिए नई योजनाओं को लागू करने की तैयारी कर रही है, जिसमें डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म का विस्तार और जवाबदेही तंत्र को सुदृढ़ करना शामिल है। उपाध्यक्ष ने सभी हितधारकों से एक अधिक चुस्त और नागरिक‑उन्मुख सार्वजनिक प्रशासन के निर्माण में सहयोग करने का आह्वान किया।
विश्लेषकों का मानना है कि उपाध्यक्ष का यह जोर गति और नागरिक केंद्रितता पर राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य नौकरशाही को आधुनिक बनाना और सरकारी संस्थानों में सार्वजनिक विश्वास को बढ़ाना है।
उपाध्यक्ष ने बताया कि सरकार की नीतियों को आम नागरिकों की जरूरतों के अनुरूप बनाना चाहिए, और सार्वजनिक सेवाओं को सुलभ, समय पर और उत्तरदायी बनाना चाहिए। उन्होंने राज्य और स्थानीय प्राधिकरणों से आग्रह किया कि वे ई‑गवर्नेंस के सर्वश्रेष्ठ अभ्यास अपनाएँ और उन प्रक्रियाओं को सरल बनायें जो वर्तमान में सेवा वितरण में बाधा डालती हैं।
यह वक्तव्य उसी समय आया जब सरकार नागरिक सहभागिता बढ़ाने के लिए नई योजनाओं को लागू करने की तैयारी कर रही है, जिसमें डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म का विस्तार और जवाबदेही तंत्र को सुदृढ़ करना शामिल है। उपाध्यक्ष ने सभी हितधारकों से एक अधिक चुस्त और नागरिक‑उन्मुख सार्वजनिक प्रशासन के निर्माण में सहयोग करने का आह्वान किया।
विश्लेषकों का मानना है कि उपाध्यक्ष का यह जोर गति और नागरिक केंद्रितता पर राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य नौकरशाही को आधुनिक बनाना और सरकारी संस्थानों में सार्वजनिक विश्वास को बढ़ाना है।