📷 चित्र स्रोत: TOI India (via NewsData)
जीवनशैली
भारत में शाकाहार: पनीर, शहद और दूध रहित चाय की चुनौतियाँ
✍️ TOI India
🗓 01 नव. 2026, 08:49 PM
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भारत में शाकाहारी आहार अपनाने का मतलब है दूध और शहद से भरपूर खाद्य संस्कृति से गुजरना। विशेषज्ञों ने इस परिवर्तन को कठिन बनाने वाली व्यावहारिक बाधाओं पर प्रकाश डाला है।
भारत का पाक परिदृश्य दूध पर आधारित है, जहाँ पनीर, घी और दूध‑आधारित पेय रोज़मर्रा के भोजन का हिस्सा हैं।
शाकाहारियों के लिए पनीर का अभाव, शहद की सीमित उपलब्धता और दूध वाली चाय का प्रचलन तुरंत बाधाएँ बनते हैं।
सोया या नारियल के दूध से बना पनीर, टोफू और ओट या बादाम के दूध से बनी चाय जैसे पौधे‑आधारित विकल्प शहरी क्षेत्रों में लोकप्रिय हो रहे हैं।
हालाँकि शाकाहारी समुदाय बढ़ रहा है, परंतु दूध पर गहरी निर्भरता के कारण पूर्ण परिवर्तन एक क्रमिक प्रक्रिया है।
शाकाहारियों के लिए पनीर का अभाव, शहद की सीमित उपलब्धता और दूध वाली चाय का प्रचलन तुरंत बाधाएँ बनते हैं।
सोया या नारियल के दूध से बना पनीर, टोफू और ओट या बादाम के दूध से बनी चाय जैसे पौधे‑आधारित विकल्प शहरी क्षेत्रों में लोकप्रिय हो रहे हैं।
हालाँकि शाकाहारी समुदाय बढ़ रहा है, परंतु दूध पर गहरी निर्भरता के कारण पूर्ण परिवर्तन एक क्रमिक प्रक्रिया है।