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सुप्रीम कोर्ट ने RBI से डिजिटल जमानत में खोई बचत के लिए मुआवजा मांगने का निर्देश दिया
✍️ TOI India
🗓 30 अक्टू. 2026, 02:56 AM
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सुप्रीम कोर्ट ने डिजिटल जमानत के दौरान जमा खातों को फ्रीज़ होने से हुई बचत की क्षति के लिए RBI को मुआवजा देने का निर्देश दिया, जिससे उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया।
सुप्रीम कोर्ट ने डिजिटल जमानत के दौरान जमा खातों को फ्रीज़ होने से हुई बचत की क्षति के लिए RBI को मुआवजा देने का निर्देश दिया है। यह निर्णय उन चिंताओं के बीच आया है जहाँ अचानक खाते फ्रीज़ होने से कई जमाकर्ताओं को अपने फंड तक पहुँचने में कठिनाई हुई।
निर्देश के अनुसार, RBI को प्रभावित ग्राहकों द्वारा उठाए गए नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा देने की आवश्यकता है। अदालत ने जोर दिया कि डिजिटल जमानत, जबकि अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए है, वैध बचतकर्ताओं को अनुचित रूप से नुकसान नहीं पहुँचाना चाहिए।
यह निर्णय बैंकिंग क्षेत्र में उपभोक्ता संरक्षण को सुदृढ़ करने के रूप में देखा जा रहा है, जिससे नियामक कार्रवाइयाँ जमा करने वालों के अधिकारों के साथ संतुलित हों। RBI अधिकारियों से अपेक्षा है कि वे मुआवजे की गणना और वितरण के लिए एक विस्तृत योजना प्रस्तुत करेंगे।
वित्तीय विश्लेषकों का अनुमान है कि यह निर्णय खाता फ्रीज़ करने की प्रक्रियाओं पर कड़ी निगरानी और बैंकों को अधिक पारदर्शी तंत्र अपनाने के लिए प्रेरित कर सकता है।
निर्देश के अनुसार, RBI को प्रभावित ग्राहकों द्वारा उठाए गए नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा देने की आवश्यकता है। अदालत ने जोर दिया कि डिजिटल जमानत, जबकि अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए है, वैध बचतकर्ताओं को अनुचित रूप से नुकसान नहीं पहुँचाना चाहिए।
यह निर्णय बैंकिंग क्षेत्र में उपभोक्ता संरक्षण को सुदृढ़ करने के रूप में देखा जा रहा है, जिससे नियामक कार्रवाइयाँ जमा करने वालों के अधिकारों के साथ संतुलित हों। RBI अधिकारियों से अपेक्षा है कि वे मुआवजे की गणना और वितरण के लिए एक विस्तृत योजना प्रस्तुत करेंगे।
वित्तीय विश्लेषकों का अनुमान है कि यह निर्णय खाता फ्रीज़ करने की प्रक्रियाओं पर कड़ी निगरानी और बैंकों को अधिक पारदर्शी तंत्र अपनाने के लिए प्रेरित कर सकता है।