📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Suyash Dwivedi
राजनीति
इंदौर: आरएसएस ने कहा- मुद्दे उठाना जेन-जी का अधिकार, देश विरोधी नहीं
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 04 नव. 2026, 03:37 PM
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इंदौर में आयोजित बैठक में आरएसएस ने स्पष्ट किया कि जेन-जी का सोशल मीडिया और आरक्षण जैसे मुद्दों पर अपनी बात कहना उनका अधिकार है और इसे देश विरोधी नहीं माना जाना चाहिए।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने बदलते सामाजिक और राजनीतिक परिदृश्य के संदर्भ में युवा पीढ़ी के प्रति अपना रुख स्पष्ट किया है। इंदौर में आयोजित एक बैठक में, संगठन ने सोशल मीडिया के दुरुपयोग, आरक्षण और नक्सलवाद जैसे प्रमुख मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की।
बैठक के दौरान आरएसएस ने विशेष रूप से 'जेन-जी' (Gen-Z) की बातों पर ध्यान केंद्रित किया। संगठन ने स्पष्ट किया कि युवाओं द्वारा किसी भी मुद्दे को उठाना उनका मौलिक अधिकार है और इस व्यवहार को देश विरोधी मानना गलत होगा। यह बयान युवा वर्ग के बीच संगठन की दृष्टिकोण को समझाने के प्रयास का हिस्सा है।
इंदौर में हुई इस बैठक में इन संवेदनशील विषयों पर गहन चर्चा का आयोजन किया गया। आरएसएस ने आधुनिक सामाजिक चुनौतियों को समझते हुए, युवाओं की चिंताओं को सीधे तौर पर संबोधित किया, जिससे संगठन और नई पीढ़ी के बीच संवाद का एक नया आयाम खुला है।
बैठक के दौरान आरएसएस ने विशेष रूप से 'जेन-जी' (Gen-Z) की बातों पर ध्यान केंद्रित किया। संगठन ने स्पष्ट किया कि युवाओं द्वारा किसी भी मुद्दे को उठाना उनका मौलिक अधिकार है और इस व्यवहार को देश विरोधी मानना गलत होगा। यह बयान युवा वर्ग के बीच संगठन की दृष्टिकोण को समझाने के प्रयास का हिस्सा है।
इंदौर में हुई इस बैठक में इन संवेदनशील विषयों पर गहन चर्चा का आयोजन किया गया। आरएसएस ने आधुनिक सामाजिक चुनौतियों को समझते हुए, युवाओं की चिंताओं को सीधे तौर पर संबोधित किया, जिससे संगठन और नई पीढ़ी के बीच संवाद का एक नया आयाम खुला है।