📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Vyacheslav Argenberg
नौकरी
आरबीआई रिपोर्ट: महंगा परिवहन महिलाओं के रोजगार में बाधा
✍️ Amar Ujala
🗓 30 अक्टू. 2026, 06:54 AM
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आरबीआई की हालिया रिपोर्ट खुलासा करती है कि महंगा सार्वजनिक परिवहन काम करने वाली महिलाओं को रोजगार और यात्रा खर्च के बीच मुश्किल चुनौती का सामना करने पर मजबूर कर रहा है, जिससे उनकी कार्यबल भागीदारी प्रभावित हो रही है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने देश में महिलाओं के रोजगार को प्रभावित करने वाली एक महत्वपूर्ण संरचनात्मक बाधा पर प्रकाश डाला है। हाल की एक रिपोर्ट के अनुसार, सार्वजनिक परिवहन की उच्च लागत काम करने वाली महिलाओं के लिए एक बड़ी बाधा बनकर उभरी है।
रिपोर्ट के अनुसार, कई काम करने वाली महिलाओं को अपने नौकरी और यात्रा के आर्थिक बोझ के बीच कठिन निर्णय लेने पर मजबूर होना पड़ता है। पायरेज के मुताबिक, जब परिवहन की लागत वेतन के मुकाबले अधिक होती है, तो महिलाएं नौकरी छोड़ने या ऐसे पदों से बचने की ओर झुकती हैं जिनके लिए लंबी या महंगी यात्रा आवश्यक होती है।
इस 'यात्रा बाधा' को भारत में श्रम बल भागीदारी में लिंग अंतर का एक प्रमुख कारक माना गया है। आरबीआई ने उल्लेख किया है कि महिलाओं को रोजगार के अवसरों तक पहुंचने के लिए किफायती और भरोसेमंद परिवहन बुनियादी ढांचा आवश्यक है, विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों में जहां दूरियां महत्वपूर्ण हो सकती हैं।
रिपोर्ट में सार्वजनिक परिवहन की लागत को कम करने या उसकी सुलभता को बेहतर बनाने के लिए नीतिगत हस्तक्षेप की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। इस विशिष्ट आर्थिक बाधा को दूर करके, नीति निर्माता औपचारिक और गैर-औपचारिक क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा दे सकते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, कई काम करने वाली महिलाओं को अपने नौकरी और यात्रा के आर्थिक बोझ के बीच कठिन निर्णय लेने पर मजबूर होना पड़ता है। पायरेज के मुताबिक, जब परिवहन की लागत वेतन के मुकाबले अधिक होती है, तो महिलाएं नौकरी छोड़ने या ऐसे पदों से बचने की ओर झुकती हैं जिनके लिए लंबी या महंगी यात्रा आवश्यक होती है।
इस 'यात्रा बाधा' को भारत में श्रम बल भागीदारी में लिंग अंतर का एक प्रमुख कारक माना गया है। आरबीआई ने उल्लेख किया है कि महिलाओं को रोजगार के अवसरों तक पहुंचने के लिए किफायती और भरोसेमंद परिवहन बुनियादी ढांचा आवश्यक है, विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों में जहां दूरियां महत्वपूर्ण हो सकती हैं।
रिपोर्ट में सार्वजनिक परिवहन की लागत को कम करने या उसकी सुलभता को बेहतर बनाने के लिए नीतिगत हस्तक्षेप की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। इस विशिष्ट आर्थिक बाधा को दूर करके, नीति निर्माता औपचारिक और गैर-औपचारिक क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा दे सकते हैं।