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स्थानीय
रायपुर: 200 परिवारों के 20 साल से बुनियादी सुविधाओं के अभाव पर हाई कोर्ट ने जेडीए सचिव से हलफनामा मांगा
✍️ Amar Ujala · Jaipur
🗓 01 नव. 2026, 08:36 AM
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जयपुर के हाई कोर्ट ने विनायक रेजिडेंसी में लगभग 200 परिवारों को दो दशक से सड़क, सीवरेज और स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाओं से वंचित पाया और जेडीए सचिव से विस्तृत हलफनामा माँगा।
रायपुर के हाई कोर्ट ने विनायक रेजिडेंसी में दो दशक से सड़क, सीवरेज और स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव को लेकर कड़ी कार्रवाई की है। अदालत ने पाया कि लगभग 200 परिवारों को इन सुविधाओं से वंचित रहना पड़ा है।
अदालत के निष्कर्षों से यह स्पष्ट हुआ कि स्थानीय प्राधिकरणों द्वारा इस क्षेत्र में आवश्यक बुनियादी ढाँचे की आपूर्ति में चूक हुई है। निवासियों ने बार‑बार शिकायतें की हैं, परंतु कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
इस पर हाई कोर्ट ने जेडीए सचिव से विस्तृत हलफनामा जमा करने का आदेश दिया है, जिसमें यह स्पष्ट किया जाए कि इन सुविधाओं के लिए कौन से कदम उठाए गए और क्यों अभी तक कार्यान्वयन नहीं हुआ।
यह कदम न्यायपालिका की स्थानीय निकायों के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित करने की दृढ़ता को दर्शाता है और जेडीए के विकास योजनाओं की समीक्षा को प्रेरित कर सकता है।
अदालत के निष्कर्षों से यह स्पष्ट हुआ कि स्थानीय प्राधिकरणों द्वारा इस क्षेत्र में आवश्यक बुनियादी ढाँचे की आपूर्ति में चूक हुई है। निवासियों ने बार‑बार शिकायतें की हैं, परंतु कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
इस पर हाई कोर्ट ने जेडीए सचिव से विस्तृत हलफनामा जमा करने का आदेश दिया है, जिसमें यह स्पष्ट किया जाए कि इन सुविधाओं के लिए कौन से कदम उठाए गए और क्यों अभी तक कार्यान्वयन नहीं हुआ।
यह कदम न्यायपालिका की स्थानीय निकायों के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित करने की दृढ़ता को दर्शाता है और जेडीए के विकास योजनाओं की समीक्षा को प्रेरित कर सकता है।