📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / PR Ganapathy
देश
बिहार से उत्तर बंगाल भेजी गई रेडियो‑कॉलर टाइगर असम में दिखी
✍️ The Week
🗓 30 अक्टू. 2026, 09:44 PM
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बिहार से उत्तर बंगाल में स्थानांतरित की गई रेडियो‑कॉलर वाली टाइगर को असम में प्रवेश करते हुए देखा गया, वन अधिकारियों ने बताया।
बिहार के वन विभाग ने पिछले साल एक युवा टाइगर को पकड़ कर उत्तर बंगाल के संरक्षित क्षेत्र में स्थानांतरित किया, ताकि बाघों के आवास संतुलन को सुधारा जा सके। इस टाइगर को रेडियो‑कॉलर से सुसज्जित किया गया था, जिससे उसकी हरकतों को रीयल‑टाइम में ट्रैक किया जा सके।
सप्ताह के शुरुआती दिनों में प्राप्त डेटा से पता चला कि टाइगर ने नई वनभूमि में अभ्यस्त होने के बाद असम की सीमा पार कर ली। कॉलर के जीपीएस संकेत ने दिखाया कि वह दार्जिलिंग जिले के पहाड़ी क्षेत्रों से असम की सीमा वाले इलाके में प्रवेश कर गई।
पश्चिम बंगाल वन विभाग के अधिकारियों ने इस प्रवास की पुष्टि की और कहा कि यह जानकारी भविष्य में पुनर्स्थापन योजनाओं को बेहतर बनाने में मदद करेगी, साथ ही राज्यों के बीच सुरक्षित वन मार्गों की आवश्यकता को रेखांकित करेगी। टाइगर अभी स्वस्थ है और अब तक कोई मानव‑वन्यजीव टकराव दर्ज नहीं हुआ है।
यह घटना बाघों के बिखरे हुए आवासों के प्रबंधन की जटिलताओं को उजागर करती है, जिससे बिहार, पश्चिम बंगाल और असम के बीच समन्वित संरक्षण प्रयासों की मांग बढ़ रही है।
सप्ताह के शुरुआती दिनों में प्राप्त डेटा से पता चला कि टाइगर ने नई वनभूमि में अभ्यस्त होने के बाद असम की सीमा पार कर ली। कॉलर के जीपीएस संकेत ने दिखाया कि वह दार्जिलिंग जिले के पहाड़ी क्षेत्रों से असम की सीमा वाले इलाके में प्रवेश कर गई।
पश्चिम बंगाल वन विभाग के अधिकारियों ने इस प्रवास की पुष्टि की और कहा कि यह जानकारी भविष्य में पुनर्स्थापन योजनाओं को बेहतर बनाने में मदद करेगी, साथ ही राज्यों के बीच सुरक्षित वन मार्गों की आवश्यकता को रेखांकित करेगी। टाइगर अभी स्वस्थ है और अब तक कोई मानव‑वन्यजीव टकराव दर्ज नहीं हुआ है।
यह घटना बाघों के बिखरे हुए आवासों के प्रबंधन की जटिलताओं को उजागर करती है, जिससे बिहार, पश्चिम बंगाल और असम के बीच समन्वित संरक्षण प्रयासों की मांग बढ़ रही है।