📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Information and Broadcasting
अपराध
पंजाब विजिलेंस ने ड्रग इंस्पेक्टर नरेश कुमार की संपत्ति पर जाँच शुरू की
✍️ Amar Ujala · Punjab
🗓 31 अक्टू. 2026, 09:59 AM
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पंजाब विजिलेंस ने ड्रग इंस्पेक्टर नरेश कुमार, उनकी पत्नी और पिता के नाम पर पंजीकृत जमीन-जायदाद की जानकारी मांगी है, संभावित अनियमितताओं की जांच के तहत।
पंजाब विजिलेंस ने ड्रग इंस्पेक्टर नरेश कुमार, उनकी पत्नी और पिता के नाम पर पंजीकृत जमीन-जायदाद की जानकारी के लिए औपचारिक रूप से अनुरोध किया है। यह जाँच उन संभावित अनियमितताओं की पहचान के लिए है जो अधिकारियों के संपत्ति पर हो सकती हैं। एजेंसी ने संपत्ति के शीर्षक, दस्तावेज़ और संबंधित वित्तीय रिकॉर्ड की विस्तृत जानकारी मांगी है। जाँच अभी प्रारंभिक चरण में है, पर यदि कोई विसंगति पाई गई तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह कदम पंजाब के ड्रग प्रवर्तन इकाइयों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए चल रही भ्रष्टाचार विरोधी पहलों का हिस्सा है। नरेश कुमार ने अभी तक इस जाँच पर कोई टिप्पणी नहीं की है। जाँच के निष्कर्ष सार्वजनिक किए जाने की उम्मीद है।
विजिलेंस विभाग ने यह आश्वासन दिया है कि जाँच कानूनी प्रक्रियाओं के अनुसार की जाएगी और सभी साक्ष्य को सावधानीपूर्वक संभाला जाएगा। विभाग ने जनता से अनुरोध किया है कि वे किसी भी प्रासंगिक दस्तावेज़ या जानकारी उपलब्ध कराएँ।
यह विकास राज्य में सार्वजनिक अधिकारियों की संपत्ति पर बढ़ती जाँच के बीच आया है, जहाँ हाल ही में कई अन्य मामलों को उजागर किया गया है। विजिलेंस विभाग ने जोर दिया है कि यह जाँच भ्रष्टाचार को रोकने और कानून‑प्रवर्तन एजेंसियों में अखंडता बनाए रखने के लिए एक व्यवस्थित प्रयास का हिस्सा है।
यह कदम पंजाब के ड्रग प्रवर्तन इकाइयों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए चल रही भ्रष्टाचार विरोधी पहलों का हिस्सा है। नरेश कुमार ने अभी तक इस जाँच पर कोई टिप्पणी नहीं की है। जाँच के निष्कर्ष सार्वजनिक किए जाने की उम्मीद है।
विजिलेंस विभाग ने यह आश्वासन दिया है कि जाँच कानूनी प्रक्रियाओं के अनुसार की जाएगी और सभी साक्ष्य को सावधानीपूर्वक संभाला जाएगा। विभाग ने जनता से अनुरोध किया है कि वे किसी भी प्रासंगिक दस्तावेज़ या जानकारी उपलब्ध कराएँ।
यह विकास राज्य में सार्वजनिक अधिकारियों की संपत्ति पर बढ़ती जाँच के बीच आया है, जहाँ हाल ही में कई अन्य मामलों को उजागर किया गया है। विजिलेंस विभाग ने जोर दिया है कि यह जाँच भ्रष्टाचार को रोकने और कानून‑प्रवर्तन एजेंसियों में अखंडता बनाए रखने के लिए एक व्यवस्थित प्रयास का हिस्सा है।