📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / NASA
कृषि
पंजाब में पराली जलाने से बढ़ा ब्लैक कार्बन, धुआं दिल्ली, हरियाणा और यूपी तक पहुंचा
✍️ Amar Ujala · Punjab
🗓 04 नव. 2026, 08:38 AM
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पंजाब में पराली जलाने से हवा में हानिकारक ब्लैक कार्बन की मात्रा बढ़ी है, जिससे दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में भी धुआं फैल गया है।
पंजाब में कृषि अवशेषों (पराली) के जलाने से उत्पन्न धुआं राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) और पड़ोसी राज्यों में हवा की गुणवत्ता को खराब कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस धुएं में ब्लैक कार्बन की मात्रा काफी अधिक है, जो एक हानिकारक प्रदूषक है और स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डालता है।
इस धुएं ने राज्य सीमाओं को पार कर दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश तक पहुंचा है। वातावरण में ब्लैक कार्बन की उपस्थिति एक बड़ी चिंता का विषय है, क्योंकि यह श्वसन संबंधी समस्याओं को बढ़ावा देता है और दृश्यता को कम करता है। यह घटना कटाई के मौसम में पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण की सीमा-पार प्रकृति को रेखांकित करता है।
हालांकि ऐसे समय में स्थानीय प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य सलाह जारी की जाती है, लेकिन मुख्य ध्यान पराली निपटान की कृषि प्रथाओं के पर्यावरणीय प्रभाव पर केंद्रित है। यह स्थिति हवा के प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए राज्यों के बीच समन्वित प्रयासों की आवश्यकता को दर्शाती है।
इस धुएं ने राज्य सीमाओं को पार कर दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश तक पहुंचा है। वातावरण में ब्लैक कार्बन की उपस्थिति एक बड़ी चिंता का विषय है, क्योंकि यह श्वसन संबंधी समस्याओं को बढ़ावा देता है और दृश्यता को कम करता है। यह घटना कटाई के मौसम में पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण की सीमा-पार प्रकृति को रेखांकित करता है।
हालांकि ऐसे समय में स्थानीय प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य सलाह जारी की जाती है, लेकिन मुख्य ध्यान पराली निपटान की कृषि प्रथाओं के पर्यावरणीय प्रभाव पर केंद्रित है। यह स्थिति हवा के प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए राज्यों के बीच समन्वित प्रयासों की आवश्यकता को दर्शाती है।