📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Harvinder Chandigarh
राजनीति
पंजाब हाईकोर्ट ने आदेश दिया: कर्मचारियों को डीए‑डीआर दें, विज्ञापन पर नहीं
✍️ Amar Ujala · Punjab
🗓 31 अक्टू. 2026, 09:05 AM
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने निर्णय दिया कि सरकार को कर्मचारियों और पेंशनरों को बकाया डीए‑डीआर देना अनिवार्य है, चंद्र‑मंगल पर विज्ञापन लगाने के प्रस्ताव को खारिज किया।
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को सख्त निर्देश दिया कि उसे कर्मचारियों और पेंशनरों को बकाया डियरनेस अलाउंस (डीए) और डियरनेस रिलीफ (डीआर) का भुगतान करना अनिवार्य है। अदालत ने चंद्र‑मंगल पर विज्ञापन लगाने के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया।
निर्णय में अदालत ने स्पष्ट किया कि सरकार का डीए‑डीआर देने का दायित्व एक कानूनी कर्तव्य है, न कि विवेकाधीन खर्च। यह आदेश सार्वजनिक कर्मचारियों के बकाया भुगतानों को लेकर दायर याचिका के बाद आया।
इस फैसले से स्पष्ट होता है कि सार्वजनिक धन को गैर‑आवश्यक परियोजनाओं के लिए मोड़ना स्वीकार्य नहीं है जब मूलभूत कर्मचारी लाभ बकाया हैं। पंजाब सरकार पर अब तुरंत बकाया राशि निपटाने का दबाव है।
अदालत के इस बयान से उम्मीद है कि राज्य प्रशासन शीघ्र ही बकाया भुगतान को पूरा करेगा और आगे की कानूनी जाँच से बचेगा।
निर्णय में अदालत ने स्पष्ट किया कि सरकार का डीए‑डीआर देने का दायित्व एक कानूनी कर्तव्य है, न कि विवेकाधीन खर्च। यह आदेश सार्वजनिक कर्मचारियों के बकाया भुगतानों को लेकर दायर याचिका के बाद आया।
इस फैसले से स्पष्ट होता है कि सार्वजनिक धन को गैर‑आवश्यक परियोजनाओं के लिए मोड़ना स्वीकार्य नहीं है जब मूलभूत कर्मचारी लाभ बकाया हैं। पंजाब सरकार पर अब तुरंत बकाया राशि निपटाने का दबाव है।
अदालत के इस बयान से उम्मीद है कि राज्य प्रशासन शीघ्र ही बकाया भुगतान को पूरा करेगा और आगे की कानूनी जाँच से बचेगा।