📷 चित्र स्रोत: Times of India (via NewsData)
राजनीति
जम्मू-कश्मीर कैबिनेट रीजिग के बाद एनसी नेता फ़रूक अब्दुल्ला इस्तीफा देंगे
✍️ Times of India
🗓 31 अक्टू. 2026, 10:33 AM
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एनसी अध्यक्ष ओमर अब्दुल्ला को जम्मू-कश्मीर कैबिनेट रीजिग पर कई विधायक विरोध कर रहे हैं, जिससे श्रीनगर सांसद फ़रूक अब्दुल्ला ने इस्तीफ़ा देने की घोषणा की।
जम्मू-कश्मीर में सरकार द्वारा हाल ही में कैबिनेट रीजिग की घोषणा के बाद राष्ट्रीय कांग्रेस अध्यक्ष ओमर अब्दुल्ला को अपनी पार्टी के भीतर विरोध का सामना करना पड़ रहा है। कई एनसी विधायक इस बदलाव को बिना पर्याप्त परामर्श के किया गया मानते हुए असंतोष जताते हैं और इसे राज्य में पार्टी की एकता को प्रभावित करने वाला बताते हैं।
इस बढ़ते तनाव के बीच, पार्टी के वरिष्ठ नेता और श्रीनगर के सांसद फ़रूक अब्दुल्ला ने अपना पद छोड़ने का इरादा बताया। उन्होंने पार्टी के कार्यकर्ताओं की भावनाओं का सम्मान करने और इस आंतरिक संकट को सुलझाने के लिए नई नेतृत्व व्यवस्था की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।
कैबिनेट रीजिग में कुछ मंत्रियों को हटाया और नए मंत्रियों को नियुक्त किया गया, जिसे विपक्ष और कुछ एनसी सदस्यों ने शासक गठबंधन की रणनीतिक चाल कहा है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार इस निर्णय ने राज्य और एनसी के केंद्रीय नेतृत्व के बीच संबंधों में तनाव पैदा कर दिया है।
विश्लेषकों का मानना है कि इस्तीफ़ा देने से श्रीनगर में उप-चुनाव की संभावना बढ़ेगी, जो पारंपरिक रूप से अब्दुल्ला परिवार का क्षेत्र रहा है, और यह आगामी राज्य चुनावों से पहले एनसी की स्थिति को और जटिल बना सकता है।
पार्टी ने असंतुष्ट विधायकओं की शिकायतों को सुलझाने और सरकार की कैबिनेट पुनर्गठन पर एकजुट प्रतिक्रिया तैयार करने के लिए आंतरिक समीक्षा का आह्वान किया है।
इस बढ़ते तनाव के बीच, पार्टी के वरिष्ठ नेता और श्रीनगर के सांसद फ़रूक अब्दुल्ला ने अपना पद छोड़ने का इरादा बताया। उन्होंने पार्टी के कार्यकर्ताओं की भावनाओं का सम्मान करने और इस आंतरिक संकट को सुलझाने के लिए नई नेतृत्व व्यवस्था की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।
कैबिनेट रीजिग में कुछ मंत्रियों को हटाया और नए मंत्रियों को नियुक्त किया गया, जिसे विपक्ष और कुछ एनसी सदस्यों ने शासक गठबंधन की रणनीतिक चाल कहा है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार इस निर्णय ने राज्य और एनसी के केंद्रीय नेतृत्व के बीच संबंधों में तनाव पैदा कर दिया है।
विश्लेषकों का मानना है कि इस्तीफ़ा देने से श्रीनगर में उप-चुनाव की संभावना बढ़ेगी, जो पारंपरिक रूप से अब्दुल्ला परिवार का क्षेत्र रहा है, और यह आगामी राज्य चुनावों से पहले एनसी की स्थिति को और जटिल बना सकता है।
पार्टी ने असंतुष्ट विधायकओं की शिकायतों को सुलझाने और सरकार की कैबिनेट पुनर्गठन पर एकजुट प्रतिक्रिया तैयार करने के लिए आंतरिक समीक्षा का आह्वान किया है।