📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Information and Broadcasting
बिज़नेस
मॉर्गन स्टेनली के रिधम देसाई ने भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और शेयर बाजार के अवसरों को रेखांकित किया
✍️ NDTV Profit
🗓 03 नव. 2026, 12:43 PM
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मॉर्गन स्टेनली के वरिष्ठ इक्विटी रणनीतिकार रिधम देसाई ने एनडीटीवी प्रॉफिट को बताया कि भारत की आर्थिक स्थिति मजबूत है और भारतीय शेयरों में आकर्षक मूल्यांकन व विकास संभावनाएँ हैं।
एनडीटीवी प्रॉफिट के साथ वीडियो साक्षात्कार में मॉर्गन स्टेनली के इक्विटी रणनीतिकार रिधम देसाई ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत विकास पथ पर है, जो उपभोक्ता खर्च की लचीलापन और निरंतर राजकोषीय सुधारों से समर्थित है। उन्होंने जीडीपी, औद्योगिक उत्पादन और निर्यात के नवीनतम आंकड़ों को आर्थिक स्थिरता के संकेत के रूप में उजागर किया।
देसाई ने बताया कि भारतीय शेयर वर्तमान में वैश्विक समकक्षों की तुलना में आकर्षक मूल्यांकन पर ट्रेड कर रहे हैं, जिससे घरेलू और विदेशी दोनों निवेशकों के लिए अवसर उत्पन्न हो रहे हैं। सूचना प्रौद्योगिकी, उपभोक्ता वस्तुएँ और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे सेक्टर आगामी आय वृद्धि के प्रमुख चालक माने जा रहे हैं।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि मुद्रास्फीति की प्रवृत्तियों और वैश्विक मौद्रिक नीति में बदलावों पर नज़र रखना आवश्यक है, क्योंकि ये बाजार की भावना को प्रभावित कर सकते हैं। फिर भी, देसाई ने कहा कि मजबूत अर्थव्यवस्था और सकारात्मक कॉरपोरेट आय के संयोजन से भारतीय शेयर "डिप पर खरीद" के योग्य बनते हैं।
इन टिप्पणियों का समय ऐसा है जब उभरते बाजारों में निवेशकों की रुचि बढ़ रही है, और कई फंड मैनेजर्स ने भारत की नीति सुधारों और बुनियादी ढाँचे के विस्तार के बाद अपनी पोर्टफोलियो में भारतीय इक्विटीज़ का हिस्सा बढ़ा दिया है।
देसाई ने बताया कि भारतीय शेयर वर्तमान में वैश्विक समकक्षों की तुलना में आकर्षक मूल्यांकन पर ट्रेड कर रहे हैं, जिससे घरेलू और विदेशी दोनों निवेशकों के लिए अवसर उत्पन्न हो रहे हैं। सूचना प्रौद्योगिकी, उपभोक्ता वस्तुएँ और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे सेक्टर आगामी आय वृद्धि के प्रमुख चालक माने जा रहे हैं।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि मुद्रास्फीति की प्रवृत्तियों और वैश्विक मौद्रिक नीति में बदलावों पर नज़र रखना आवश्यक है, क्योंकि ये बाजार की भावना को प्रभावित कर सकते हैं। फिर भी, देसाई ने कहा कि मजबूत अर्थव्यवस्था और सकारात्मक कॉरपोरेट आय के संयोजन से भारतीय शेयर "डिप पर खरीद" के योग्य बनते हैं।
इन टिप्पणियों का समय ऐसा है जब उभरते बाजारों में निवेशकों की रुचि बढ़ रही है, और कई फंड मैनेजर्स ने भारत की नीति सुधारों और बुनियादी ढाँचे के विस्तार के बाद अपनी पोर्टफोलियो में भारतीय इक्विटीज़ का हिस्सा बढ़ा दिया है।