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मोहाली कंज़्यूमर कोर्ट ने होमबायर को 9% ब्याज और 75,000 रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया
✍️ TOI City
🗓 29 अक्टू. 2026, 02:46 PM
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मोहाली के एक कंज़्यूमर कमिशन ने रियल एस्टेट डेवलपर को देरी के 9% ब्याज, निर्माण दोषों की मरम्मत और अवैध रखरखाव शुल्क की वापसी का आदेश दिया है, साथ ही मानसिक तंगी के लिए 75,000 रुपये का मुआवजा भी दिया गया है।
मोहाली के एक कंज़्यूमर कमिशन ने एक होमबायर के पक्ष में महत्वपूर्ण आदेश जारी किए हैं, जिन्होंने रियल एस्टेट डेवलपर के साथ कई समस्याओं का सामना किया था। कमिशन ने डेवलपर को फ्लैट की देरी से हस्तांतरण (possession) पर 9% ब्याज चुकाने का निर्देश दिया है। इस वित्तीय दंड का उद्देश्य डेवलपर द्वारा समय पर संपत्ति न देने से खोए गए समय के लिए खरीदार को मुआवजा देना है।
वित्तीय ब्याज के अलावा, कमिशन ने डेवलपर को इकाई के भीतर मौजूद निर्माण दोषों (construction defects) को दुरुस्त करने का आदेश दिया है। इसके अलावा, डेवलपर को खरीदार का मूल पार्किंग स्थान पुनर्स्थापित करने की आवश्यकता है, जिसे उचित अधिकार के बिना बदला या प्रभावित किया गया था। ये संरचनात्मक और लॉजिस्टिक सुधार सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य हैं कि संपत्ति वादे किए गए मानकों को पूरा करे।
कमिशन ने पहले वसूले गए अवैध रखरखाव शुल्क (maintenance charges) की समस्या का भी समाधान किया। इन राशियों की वापसी का आदेश दिया गया है, क्योंकि उन्हें अमान्य माना गया है। इन सभी विफलताओं के कारण होने वाली तनाव और मानसिक तंगी (mental anguish) को मानते हुए, कमिशन ने होमबायर को 75,000 रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह फैसला क्षेत्र के डेवलपर्स के लिए एक चेतावनी है कि उन्हें उपभोक्ता सुरक्षा कानूनों और अनुबंधीय जिम्मेदारियों का सख्ती से पालन करना चाहिए।
वित्तीय ब्याज के अलावा, कमिशन ने डेवलपर को इकाई के भीतर मौजूद निर्माण दोषों (construction defects) को दुरुस्त करने का आदेश दिया है। इसके अलावा, डेवलपर को खरीदार का मूल पार्किंग स्थान पुनर्स्थापित करने की आवश्यकता है, जिसे उचित अधिकार के बिना बदला या प्रभावित किया गया था। ये संरचनात्मक और लॉजिस्टिक सुधार सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य हैं कि संपत्ति वादे किए गए मानकों को पूरा करे।
कमिशन ने पहले वसूले गए अवैध रखरखाव शुल्क (maintenance charges) की समस्या का भी समाधान किया। इन राशियों की वापसी का आदेश दिया गया है, क्योंकि उन्हें अमान्य माना गया है। इन सभी विफलताओं के कारण होने वाली तनाव और मानसिक तंगी (mental anguish) को मानते हुए, कमिशन ने होमबायर को 75,000 रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह फैसला क्षेत्र के डेवलपर्स के लिए एक चेतावनी है कि उन्हें उपभोक्ता सुरक्षा कानूनों और अनुबंधीय जिम्मेदारियों का सख्ती से पालन करना चाहिए।