📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Avnish.vikas
अपराध
पति ने बेटी के गर्भ की पहचान पर करवाया गर्भपात, पत्नी की मौत
✍️ NDTV
🗓 31 अक्टू. 2026, 06:49 PM
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पुलिस के अनुसार, पति और ससुराल वालों ने बेटी के गर्भ की पहचान पर अवैध गर्भपात करवाया, जिससे महिला की मृत्यु हुई।
पुलिस की जांच में पता चला कि महिला को अवैध गर्भपात करवाने के बाद वह गंभीर जटिलताओं से ग्रस्त होकर मर गई। यह प्रक्रिया तब शुरू हुई जब परिवार को पता चला कि गर्भ में लड़की है, और पति व ससुराल वालों ने बेटे की इच्छा जताई।
अधिकारियों के अनुसार, दंपति ने कानूनी प्रतिबंधों को नजरअंदाज कर गर्भपात करवाया, जो गैर‑चिकित्सीय माहौल में किया गया था। महिला को गंभीर आंतरिक चोटें आईं और वह उचित चिकित्सा सहायता मिलने से पहले ही निधन हो गया।
यह मामला भारत में लिंग‑आधारित भेदभाव और अवैध गर्भपात की समस्या को फिर से उजागर करता है। पुलिस ने पति और अन्य परिवार के सदस्यों के खिलाफ अवैध प्रक्रिया और मृत्यु के कारण लापरवाही के आरोप में आपराधिक मामला दर्ज किया है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि लाइसेंस प्राप्त सुविधाओं के बाहर गर्भपात करवाना "गर्भपात अधिनियम" का उल्लंघन है, और महिला को जबरन गर्भपात करवाने पर कठोर सजा, जिसमें कारावास भी शामिल है, हो सकती है।
इस घटना ने लिंग समानता कानूनों के कड़े प्रवर्तन और देश भर में सुरक्षित, वैध गर्भपात सेवाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने की मांग को फिर से ताजा किया है।
अधिकारियों के अनुसार, दंपति ने कानूनी प्रतिबंधों को नजरअंदाज कर गर्भपात करवाया, जो गैर‑चिकित्सीय माहौल में किया गया था। महिला को गंभीर आंतरिक चोटें आईं और वह उचित चिकित्सा सहायता मिलने से पहले ही निधन हो गया।
यह मामला भारत में लिंग‑आधारित भेदभाव और अवैध गर्भपात की समस्या को फिर से उजागर करता है। पुलिस ने पति और अन्य परिवार के सदस्यों के खिलाफ अवैध प्रक्रिया और मृत्यु के कारण लापरवाही के आरोप में आपराधिक मामला दर्ज किया है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि लाइसेंस प्राप्त सुविधाओं के बाहर गर्भपात करवाना "गर्भपात अधिनियम" का उल्लंघन है, और महिला को जबरन गर्भपात करवाने पर कठोर सजा, जिसमें कारावास भी शामिल है, हो सकती है।
इस घटना ने लिंग समानता कानूनों के कड़े प्रवर्तन और देश भर में सुरक्षित, वैध गर्भपात सेवाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने की मांग को फिर से ताजा किया है।