📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Finance of India
बिज़नेस
मध्य प्रदेश सरकार ने सितंबर में 1,500 करोड़ रुपये के ऋण लिए
✍️ Bhaskar English
🗓 31 अक्टू. 2026, 09:38 PM
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मध्य प्रदेश सरकार ने सितंबर में दो नए ऋण मंजूर किए – 18‑साल के लिए ₹800 करोड़ और 30‑साल के लिए ₹700 करोड़, जो इस महीने का तीसरा उधारी चरण है।
मध्य प्रदेश सरकार ने सितंबर में दो अलग‑अलग ऋण अनुबंधों को मंजूरी दी, जिससे इस महीने की कुल नई उधारी ₹1,500 करोड़ हो गई। 18‑साल की अवधि के लिये ₹800 करोड़ का एक ऋण और 30‑साल की अवधि के लिये ₹700 करोड़ का दूसरा ऋण तय किया गया है।
यह सितंबर में सरकार द्वारा किया गया तीसरा उधारी चरण है, जो राजस्व अंतर को पाटने और विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिये अतिरिक्त निधि जुटाने के उद्देश्य से किया गया है।
ऋणदाता और ब्याज दरें अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई हैं, परन्तु ये ऋण बाजार‑आधारित बांड या संस्थागत ऋणदाताओं से लिये गये होंगे। यह कदम राज्य की वित्तीय रणनीति के तहत घाटे को नियंत्रित रखते हुए बुनियादी ढाँचा व कल्याणकारी योजनाओं को फंड करने के लिये उठाया गया है।
विश्लेषकों का मानना है कि एक ही महीने में बार‑बार उधारी से राज्य की वित्तीय स्थिति पर प्रश्न उठ सकते हैं, परन्तु सरकार का कहना है कि इन निधियों को दीर्घकालिक आर्थिक लाभ देने वाले प्रोजेक्ट्स में लगाया जायेगा।
मध्य प्रदेश वित्त मंत्रालय ऋण की वापसी‑शेड्यूल पर करीबी नज़र रखेगा, ताकि भविष्य में बजट पर ऋण सेवा का बोझ न बढ़े।
यह सितंबर में सरकार द्वारा किया गया तीसरा उधारी चरण है, जो राजस्व अंतर को पाटने और विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिये अतिरिक्त निधि जुटाने के उद्देश्य से किया गया है।
ऋणदाता और ब्याज दरें अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई हैं, परन्तु ये ऋण बाजार‑आधारित बांड या संस्थागत ऋणदाताओं से लिये गये होंगे। यह कदम राज्य की वित्तीय रणनीति के तहत घाटे को नियंत्रित रखते हुए बुनियादी ढाँचा व कल्याणकारी योजनाओं को फंड करने के लिये उठाया गया है।
विश्लेषकों का मानना है कि एक ही महीने में बार‑बार उधारी से राज्य की वित्तीय स्थिति पर प्रश्न उठ सकते हैं, परन्तु सरकार का कहना है कि इन निधियों को दीर्घकालिक आर्थिक लाभ देने वाले प्रोजेक्ट्स में लगाया जायेगा।
मध्य प्रदेश वित्त मंत्रालय ऋण की वापसी‑शेड्यूल पर करीबी नज़र रखेगा, ताकि भविष्य में बजट पर ऋण सेवा का बोझ न बढ़े।