📷 चित्र स्रोत: TOI India (via NewsData)
अपराध
बलात्कार के आरोप में फँसे जज ने जारी रखा पीओसीएसओ कोर्ट
✍️ TOI India
🗓 04 नव. 2026, 08:50 AM
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बलात्कार के आरोप का सामना कर रहे जज ने पीओसीएसओ कोर्ट में बच्चों के यौन अपराधों के मामलों की सुनवाई जारी रखी।
एक जज, जिस पर वर्तमान में बलात्कार के आरोप लगे हैं, पीओसीएसओ (बच्चों के यौन अपराधों से सुरक्षा) कोर्ट की ड्यूटी जारी रखे हुए हैं। वह नाबालिगों के खिलाफ यौन अपराध के मामलों की सुनवाई कर रहे हैं, जहाँ न्याय की निष्पक्षता और संवेदनशीलता अत्यंत महत्वपूर्ण है।
जज के व्यक्तिगत कानूनी मुद्दे और उनके आधिकारिक पद के बीच यह टकराव कानूनी विशेषज्ञों और बाल अधिकार संगठनों के बीच बहस का कारण बना है। आलोचकों का कहना है कि गंभीर आपराधिक आरोपों का सामना कर रहे न्यायाधीश से कोर्ट की निष्पक्षता पर सवाल उठ सकते हैं, जबकि कुछ टिप्पणीकार यह रेखांकित करते हैं कि जज को दोष सिद्ध होने तक निर्दोष माना जाता है।
वर्तमान में न्यायपालिका ने इस विषय पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, और जज ने भी आरोपों पर सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है। जांच जारी है, और कोर्ट का कार्यकलाप जैसा का तैसा चलता रहेगा, जहाँ जज पीओसीएसओ मामलों की सुनवाई कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया मिश्रित है; कई लोग बाल यौन अपराध के पीड़ितों के प्रति चिंता व्यक्त कर रहे हैं और आरोप के परिणामस्वरूप जज की नियुक्ति की पुनः समीक्षा की मांग कर रहे हैं।
जज के व्यक्तिगत कानूनी मुद्दे और उनके आधिकारिक पद के बीच यह टकराव कानूनी विशेषज्ञों और बाल अधिकार संगठनों के बीच बहस का कारण बना है। आलोचकों का कहना है कि गंभीर आपराधिक आरोपों का सामना कर रहे न्यायाधीश से कोर्ट की निष्पक्षता पर सवाल उठ सकते हैं, जबकि कुछ टिप्पणीकार यह रेखांकित करते हैं कि जज को दोष सिद्ध होने तक निर्दोष माना जाता है।
वर्तमान में न्यायपालिका ने इस विषय पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, और जज ने भी आरोपों पर सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है। जांच जारी है, और कोर्ट का कार्यकलाप जैसा का तैसा चलता रहेगा, जहाँ जज पीओसीएसओ मामलों की सुनवाई कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया मिश्रित है; कई लोग बाल यौन अपराध के पीड़ितों के प्रति चिंता व्यक्त कर रहे हैं और आरोप के परिणामस्वरूप जज की नियुक्ति की पुनः समीक्षा की मांग कर रहे हैं।