📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / User:R K Alaria
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जबलपुर हाईकोर्ट ने गूगल पर बस का वजन जांचकर बीमा कंपनी पर लगाया 20 हजार का जुर्माना
✍️ Amar Ujala · Jabalpur
🗓 03 नव. 2026, 09:37 AM
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जबलपुर हाईकोर्ट ने बस चालक के लाइसेंस को लेकर न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी की अपील खारिज करते हुए पीड़ित का मुआवजा बरकरार रखा। बीमा कंपनी द्वारा दस्तावेज पेश न होने पर न्यायमूर्ति ने स्वयं गूगल पर बस के मॉडल का वजन जांचा।
जबलपुर हाईकोर्ट की खंडपीठ ने बस चालक के लाइसेंस की वैधता को लेकर न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी द्वारा दायर की गई अपील खारिज कर दी है। अदालत ने पीड़ित को दिए गए मुआवजे को बरकरार रखते हुए बीमा कंपनी के तर्कों को नकार दिया।
सुनवाई के दौरान, बीमा कंपनी ने हादसे में शामिल बस के वजन का विवरण देने वाले दस्तावेज को अदालत में पेश नहीं किया। इस स्थिति में, न्यायमूर्ति ने स्वयं तथ्यों की पुष्टि करने का फैसला किया।
न्यायाधीश ने गूगल पर उस विशिष्ट बस मॉडल की खोज करके इसका मानक वजन जांचा। इस सत्यापन और बीमा कंपनी द्वारा विपरीत प्रमाण प्रस्तुत न किए जाने के आधार पर, अदालत ने पीड़ित के पक्ष में फैसला सुनाया।
इसके अलावा, न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी पर न्यायिक प्रक्रिया के दौरान उसके व्यवहार के लिए 20,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। यह आदेश तब महत्वपूर्ण है जब विपक्षी पक्ष द्वारा दस्तावेजों को प्रस्तुत नहीं किया जाता है और अदालत को वस्तुनिष्ठ डेटा पर निर्भर रहना पड़ता है।
सुनवाई के दौरान, बीमा कंपनी ने हादसे में शामिल बस के वजन का विवरण देने वाले दस्तावेज को अदालत में पेश नहीं किया। इस स्थिति में, न्यायमूर्ति ने स्वयं तथ्यों की पुष्टि करने का फैसला किया।
न्यायाधीश ने गूगल पर उस विशिष्ट बस मॉडल की खोज करके इसका मानक वजन जांचा। इस सत्यापन और बीमा कंपनी द्वारा विपरीत प्रमाण प्रस्तुत न किए जाने के आधार पर, अदालत ने पीड़ित के पक्ष में फैसला सुनाया।
इसके अलावा, न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी पर न्यायिक प्रक्रिया के दौरान उसके व्यवहार के लिए 20,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। यह आदेश तब महत्वपूर्ण है जब विपक्षी पक्ष द्वारा दस्तावेजों को प्रस्तुत नहीं किया जाता है और अदालत को वस्तुनिष्ठ डेटा पर निर्भर रहना पड़ता है।