📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Finance of India
बिज़नेस
वैश्विक मंदी के बीच भारत की Q2 जीडीपी 7.35% बढ़ने की संभावना
✍️ Fortune India
🗓 29 अक्टू. 2026, 09:51 PM
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वित्त मंत्रालय ने बताया कि वैश्विक मंदी के बावजूद भारत की दूसरी तिमाही जीडीपी 7.35% बढ़ेगी, जिससे घरेलू विकास की मजबूती स्पष्ट होती है।
वित्त मंत्रालय ने एक अस्थायी अनुमान जारी किया है जिसमें बताया गया है कि जुलाई‑सितंबर तिमाही में भारत का सकल घरेलू उत्पाद 7.35% बढ़ा होगा। यह आंकड़ा कई विश्लेषकों की अपेक्षा से अधिक है और दर्शाता है कि वैश्विक मंदी के बीच भी देश की विकास गति स्थिर है।
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस मजबूती के पीछे घरेलू उपभोग का निरंतर बढ़ना, निजी निवेश में स्थिरता और हाल के संरचनात्मक सुधारों का प्रभाव है। जबकि विश्व स्तर पर मांग में गिरावट देखी जा रही है, भारत के बड़े घरेलू बाजार और संतुलित राजकोषीय नीति ने बाहरी झटकों को कम किया है।
मंत्रालय ने कहा कि यह आंकड़ा आधिकारिक रूप से त्रैमासिक समीक्षा में प्रस्तुत किया जाएगा और यदि यह वास्तविकता बनता है तो आवश्यकतानुसार मौद्रिक नीति में और सहजता लाई जा सकती है। निवेशकों ने इस सकारात्मक दृष्टिकोण का स्वागत किया है, इसे भारत के अन्य बड़े अर्थव्यवस्थाओं से आगे निकलने के संकेत के रूप में देखा है।
यदि यह अनुमान सही साबित होता है, तो 7.35% की वृद्धि दर पिछले तिमाही की 6.8% वृद्धि से उल्लेखनीय रूप से अधिक होगी, जो भारत को विश्व की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक के रूप में स्थापित करती है।
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस मजबूती के पीछे घरेलू उपभोग का निरंतर बढ़ना, निजी निवेश में स्थिरता और हाल के संरचनात्मक सुधारों का प्रभाव है। जबकि विश्व स्तर पर मांग में गिरावट देखी जा रही है, भारत के बड़े घरेलू बाजार और संतुलित राजकोषीय नीति ने बाहरी झटकों को कम किया है।
मंत्रालय ने कहा कि यह आंकड़ा आधिकारिक रूप से त्रैमासिक समीक्षा में प्रस्तुत किया जाएगा और यदि यह वास्तविकता बनता है तो आवश्यकतानुसार मौद्रिक नीति में और सहजता लाई जा सकती है। निवेशकों ने इस सकारात्मक दृष्टिकोण का स्वागत किया है, इसे भारत के अन्य बड़े अर्थव्यवस्थाओं से आगे निकलने के संकेत के रूप में देखा है।
यदि यह अनुमान सही साबित होता है, तो 7.35% की वृद्धि दर पिछले तिमाही की 6.8% वृद्धि से उल्लेखनीय रूप से अधिक होगी, जो भारत को विश्व की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक के रूप में स्थापित करती है।