📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / National Museum of American History
शिक्षा
क्यूएस विश्व विश्वविद्यालय रैंकिंग 2027 में भारत ने एशिया में शोध उत्पादन में पहला स्थान हासिल किया
✍️ NDTV
🗓 03 नव. 2026, 05:52 PM
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क्यूएस विश्व विश्वविद्यालय रैंकिंग 2027 में भारत को एशिया में शोध उत्पादन में अग्रणी बताया गया, जिसमें असाधारण डॉक्टरेट क्षमता को प्रमुख कारण कहा गया।
एशिया के लिए जारी किए गए क्यूएस विश्व विश्वविद्यालय रैंकिंग 2027 में भारत को शोध उत्पादन के मामले में महाद्वीप का अग्रणी बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार भारतीय संस्थानों ने मूल्यांकन अवधि में अन्य सभी एशियाई देशों से अधिक शैक्षणिक प्रकाशन और उद्धरण उत्पन्न किए हैं।
इस वृद्धि के पीछे मुख्य कारण "असाधारण डॉक्टरेट क्षमता" को माना गया है, अर्थात् पीएचडी छात्रों और स्नातकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि, जो विभिन्न विषयों में उच्च‑प्रभावी शोध कर रहे हैं। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, भारतीय प्रबंधन संस्थान और कई केंद्रीय विश्वविद्यालयों ने अपने डॉक्टरेट कार्यक्रमों का विस्तार किया है, जिससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों प्रतिभा आकर्षित हुई है।
यह रैंकिंग भारत की वैश्विक ज्ञान अर्थव्यवस्था में बढ़ती भूमिका को रेखांकित करती है और अनुसंधान बुनियादी ढाँचे में अतिरिक्त निवेश को प्रेरित कर सकती है। जबकि चीन और सिंगापुर जैसे देश अभी भी मजबूत प्रतिस्पर्धी हैं, क्यूएस डेटा दर्शाता है कि भारत का स्नातकोत्तर शोध पर ध्यान अब परिणाम दे रहा है।
इस वृद्धि के पीछे मुख्य कारण "असाधारण डॉक्टरेट क्षमता" को माना गया है, अर्थात् पीएचडी छात्रों और स्नातकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि, जो विभिन्न विषयों में उच्च‑प्रभावी शोध कर रहे हैं। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, भारतीय प्रबंधन संस्थान और कई केंद्रीय विश्वविद्यालयों ने अपने डॉक्टरेट कार्यक्रमों का विस्तार किया है, जिससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों प्रतिभा आकर्षित हुई है।
यह रैंकिंग भारत की वैश्विक ज्ञान अर्थव्यवस्था में बढ़ती भूमिका को रेखांकित करती है और अनुसंधान बुनियादी ढाँचे में अतिरिक्त निवेश को प्रेरित कर सकती है। जबकि चीन और सिंगापुर जैसे देश अभी भी मजबूत प्रतिस्पर्धी हैं, क्यूएस डेटा दर्शाता है कि भारत का स्नातकोत्तर शोध पर ध्यान अब परिणाम दे रहा है।