📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Asksachinsaini
कृषि
गुरदासपुर: पराली जलाने के मामले दोगुने, 100 घटनाएं दर्ज; डीसी और एसपी को नोटिस
✍️ Amar Ujala · Punjab
🗓 04 नव. 2026, 03:37 AM
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वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने गुरदासपुर के जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी किया है। आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल की तुलना में इस बार पराली जलाने की घटनाओं में दोगुनी वृद्धि दर्ज की गई है।
पंजाब के गुरदासपुर जिले में फसल अवशेषों (पराली) को जलाने की घटनाओं में हुई चिंताजनक वृद्धि के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (AQMC) ने कार्रवाई करते हुए जिला कलेक्टर (DC) और पुलिस अधीक्षक (SP) को नोटिस जारी किया है। आयोग ने स्थानीय प्रशासन और कानून-व्यवस्था के अधिकारियों को इस बढ़ोतरी के लिए जवाबदेह ठहराया है।
आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 15 सितंबर से 2 नवंबर 2026 के बीच गुरदासपुर जिले में 100 बार पराली जलाने की घटनाएं दर्ज की गईं। यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में काफी अधिक है, जिससे वायु गुणवत्ता प्रबंधन में गिरावट का संकेत मिलता है।
पिछले साल इसी अवधि के दौरान जिले में केवल 53 ऐसी घटनाएं दर्ज की गई थीं। इस बार मामलों के दोगुने हो जाने ने प्रशासनिक लापरवाही को उजागर किया है, जिसके चलते केंद्रीय आयोग ने स्थानीय अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी है।
नोटिस में डीसी और एसपी को तुरंत सुधारात्मक उपाय अपनाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि कृषि अवशेषों के आगजनी को रोका जा सके और पर्यावरण नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 15 सितंबर से 2 नवंबर 2026 के बीच गुरदासपुर जिले में 100 बार पराली जलाने की घटनाएं दर्ज की गईं। यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में काफी अधिक है, जिससे वायु गुणवत्ता प्रबंधन में गिरावट का संकेत मिलता है।
पिछले साल इसी अवधि के दौरान जिले में केवल 53 ऐसी घटनाएं दर्ज की गई थीं। इस बार मामलों के दोगुने हो जाने ने प्रशासनिक लापरवाही को उजागर किया है, जिसके चलते केंद्रीय आयोग ने स्थानीय अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी है।
नोटिस में डीसी और एसपी को तुरंत सुधारात्मक उपाय अपनाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि कृषि अवशेषों के आगजनी को रोका जा सके और पर्यावरण नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।