📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Sujay2026
धर्म
गुजरात हाई कोर्ट ने सोमनाथ मंदिर के पास मांसाहार पर प्रतिबंध हटाया
✍️ Bhaskar English
🗓 30 अक्टू. 2026, 07:22 PM
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गुजरात हाई कोर्ट ने राज्य सरकार के सोमनाथ मंदिर के निकट मांसाहार पर लगाए प्रतिबंध को रद्द कर दिया, जिससे पहले की स्थिति बहाल हुई।
गुजरात हाई कोर्ट ने हाल ही में सुनवाई के बाद सोमनाथ मंदिर के निकट मांसाहार पर लगाए गए प्रतिबंध को रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा कि इस आदेश को भारतीय संविधान के व्यापार और व्यक्तिगत चयन के अधिकारों के संदर्भ में बरकरार नहीं रखा जा सकता।
राज्य सरकार ने पहले इस प्राचीन शिव मंदिर की धार्मिक भावना को ध्यान में रखते हुए कुछ सौ मीटर के दायरे में मांस, मछली और अंडा बेचने पर रोक लगा दी थी। इस कारण आसपास के रेस्टोरेंट और स्ट्रीट विक्रेताओं को मांसाहार प्रदान करने से रोकना पड़ा।
अब कोर्ट के फैसले के बाद इस क्षेत्र के रेस्तरां, होटल और खाद्य स्टॉल फिर से मांसाहार बेच सकेंगे और किसी कानूनी कार्रवाई का डर नहीं रहेगा। विधि विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय सांस्कृतिक संवेदनशीलता और संविधानिक अधिकारों के बीच संतुलन की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
इस निर्णय से स्थानीय व्यापारियों और तीर्थयात्रियों दोनों को लाभ होगा, क्योंकि मंदिर के आसपास का व्यावसायिक माहौल पहले जैसा फिर से स्थापित हो जाएगा।
राज्य सरकार ने पहले इस प्राचीन शिव मंदिर की धार्मिक भावना को ध्यान में रखते हुए कुछ सौ मीटर के दायरे में मांस, मछली और अंडा बेचने पर रोक लगा दी थी। इस कारण आसपास के रेस्टोरेंट और स्ट्रीट विक्रेताओं को मांसाहार प्रदान करने से रोकना पड़ा।
अब कोर्ट के फैसले के बाद इस क्षेत्र के रेस्तरां, होटल और खाद्य स्टॉल फिर से मांसाहार बेच सकेंगे और किसी कानूनी कार्रवाई का डर नहीं रहेगा। विधि विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय सांस्कृतिक संवेदनशीलता और संविधानिक अधिकारों के बीच संतुलन की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
इस निर्णय से स्थानीय व्यापारियों और तीर्थयात्रियों दोनों को लाभ होगा, क्योंकि मंदिर के आसपास का व्यावसायिक माहौल पहले जैसा फिर से स्थापित हो जाएगा।